TTN डेस्क
नई दिल्ली।चुनाव आयोग ने बुधवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयुक्तों में मतभेद की रिपोर्ट को खारिज कर दिया। आयोग ने स्पष्ट किया कि पिछले एक साल में लिए गए सभी फैसले सर्वसम्मति से हुए हैं। आयोग का कहना है कि किसी भी संस्थान में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखना और कानूनी नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
इस विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वीडियो जारी कर वोट चोरी को संविधान के खिलाफ बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि समय आने पर किसी को नहीं छोड़ा जाएगा।
0 दो चुनाव आयुक्तों ने 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आयोग के कई फैसलों पर आपत्ति जताई। 28 अक्टूबर 2025 से 14 अगस्त 2026 के बीच दोनों आयुक्तों ने कुल 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की। इनमें 16 अप्रैल को एक दिन में ही चार आपत्तियां शामिल हैं।
ये आपत्तियां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भी भेजी गईं। कुछ आपत्तियां उन उप चुनाव आयुक्तों को भी भेजी गईं, जो संबंधित कार्यों की निगरानी कर रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों आयुक्तों का कहना था कि कई फैसले उनकी जानकारी या मंजूरी के बिना लिए गए।
यह विवाद जून 2025 में बिहार से शुरू हुए SIR के बीच सामने आया है। SIR के तहत 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से ज्यादा नाम हटाए गए हैं।
0 राहुल गांधी का हमला: वोट चोरी राजद्रोह है
राहुल गांधी ने वीडियो में कहा,
“मैं इलेक्शन कमीशन और इलेक्शन ऑफिसर्स को साफ कह रहा हूं कि आप जो कर रहे हो, गलत कर रहे हो। ये राजद्रोह है, देश के खिलाफ है। टाइम आएगा। हम आपको पकड़ेंगे। बचने वाले नहीं हो।”
उन्होंने वोट चोरी को भारतीय लोगों के खिलाफ अपराध और संविधान पर सीधा हमला बताया।
0 अन्य विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि सभी चुनाव आयुक्त अपना सही काम नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से स्वत: संज्ञान लेने की मांग की।
आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाया कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने-हटाने का अधिकार सिर्फ ईआरओ को है, फिर दिल्ली से पूरे देश की सूची कैसे बदली जा रही है।
टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने SIR की खामियों की जिम्मेदारी मुख्य चुनाव आयुक्त पर डाली।
यूबीटी शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में बैलट पेपर से दोबारा चुनाव कराने की मांग की।
0 ज्ञानेश कुमार को हटाने का पुराना मामला
अप्रैल 2026 में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने दावा किया था कि विपक्ष के 73 राज्यसभा सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए नोटिस दिया था। इसमें ‘साबित कदाचार’ का आरोप लगाया गया था। लोकसभा और राज्यसभा दोनों जगह यह प्रस्ताव खारिज हो चुका है।
SIR की प्रगति: 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश पूरे
SIR के पहले और दूसरे फेज में 10 राज्य व 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। तीसरे फेज में दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में प्रक्रिया चल रही है। यह 30 मई से 23 दिसंबर तक चलेगी, जिसमें 36.73 करोड़ वोटरों का वेरिफिकेशन हो रहा है।
चुनाव आयोग ने दोहराया है कि सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं और आयुक्तों की टिप्पणियां सामान्य विचार-विमर्श का हिस्सा हैं। विपक्ष इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बता रहा है।


