00 दिसंबर 2026 तक बोली प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद, एयरपोर्ट्स को 5 जोड़ों (बंडल्स) में बांटा गया
छोटे और बड़े एयरपोर्ट्स का होगा संतुलित विकास, मुंबई, दुबई और सिंगापुर में होंगे रोडशो
TTN डेस्क
रायपुर / नई दिल्ली:lकेंद्र सरकार देश के विमानन क्षेत्र को और अधिक सशक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत देश के 11 हवाई अड्डों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत 50 साल की लंबी लीज पर निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी की जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए दिसंबर 2026 तक बोली (टेंडर) प्रक्रिया शुरू होने की पूरी उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक इस योजना को अंतिम रूप देना है।
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प्रस्तावित 5 बंडल (11 एयरपोर्ट)
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा इन 11 हवाई अड्डों को बेहतर संचालन और प्रबंधन के लिए 5 जोड़ों (बंडल्स) में विभाजित किया गया है:
रायपुर और औरंगाबाद
अमृतसर और कांगड़ा-गग्गल
वाराणसी, गया और कुशीनगर
भुवनेश्वर और हुबली
तिरुचिरापल्ली और तिरुपति
बंडलिंग सिस्टम की मुख्य विशेषताएं:
50 साल की लीज: चयनित निजी ऑपरेटरों को इन हवाई अड्डों के संचालन, प्रबंधन और विकास की जिम्मेदारी 50 वर्षों के लिए सौंपी जाएगी।
संतुलित विकास की पहल: यह पहली बार है जब छोटे एयरपोर्ट्स को बड़े एयरपोर्ट्स के साथ जोड़ा गया है, ताकि इसके जरिए सभी हवाई अड्डों का एक समान और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके।
वैश्विक निवेशकों को आमंत्रण: भारतीय और वैश्विक निवेशकों को इस प्रक्रिया में जोड़ने और उन्हें आकर्षित करने के लिए मुंबई, दुबई और सिंगापुर जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्रों में विशेष रोडशो आयोजित किए जाएंगे।

इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित हवाई अड्डे को भी शामिल किए जाने से आने वाले समय में यहाँ विमान यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं और एयर कनेक्टिविटी के और अधिक विस्तार की प्रबल संभावनाएं बन गई हैं।


