TTN डेस्क
रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राज्य की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है. केंद्रीय एजेंसी ने शुक्रवार को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के अतिरिक्त कलेक्टर चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार कर लिया है. अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत हिरासत में लिया गया है.
0 पूर्व सीएम भूपेश बघेल के खास माने जाते हैं बोरघरिया
गिरफ्तार किए गए अतिरिक्त कलेक्टर चेतन बोरघरिया को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का करीबी और खास अधिकारी माना जाता है. वह वर्ष 2019 से 2022 के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. अधिकारियों ने जानकारी दी है कि उन्हें पीएमएलए मामलों की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ईडी द्वारा पूछताछ के लिए उनकी रिमांड का अनुरोध किया जाएगा.
0 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं से जुड़ा है पूरा मामला
यह पूरा धनशोधन का मामला छत्तीसगढ़ पीएससी द्वारा साल 2020 और 2021 में आयोजित की गई राज्य सेवा परीक्षाओं में हुए कथित भ्रष्टाचार, प्रश्न पत्र लीक और भारी अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है. इससे पहले भी केंद्रीय एजेंसी इस हाई-प्रोटिफ़ाइल मामले में छत्तीसगढ़ पीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी और पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक केके चंद्रवंशी के भतीजे उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार कर चुकी है.
0 धमतरी और बलरामपुर में हुई थी छापेमारी


इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ के धमतरी और बलरामपुर जिलों में ताबड़तोड़ कार्रवाई की थी. धमतरी में अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया के अमलतास पुरम स्थित आवास पर टीम ने छापा मारा था, जबकि बलरामपुर में भी उनसे लंबी पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई थी, जिसके बाद अब यह गिरफ्तारी की गई है.

