TTN डेस्क
कोरबा: पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाली की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ के विद्युत कर्मचारियों और अधिकारियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। ‘विद्युत अधिकारी-कर्मचारी पुरानी पेंशन अधिकार मंच’ के बैनर तले शुक्रवार को कोरबा पश्चिम उत्पादन संयंत्र समेत प्रदेश के सभी आठ वितरण-पारेषण रीजन और तीनों उत्पादन संयंत्रों में विद्युत कर्मियों ने एक साथ जोरदार प्रदर्शन किया। “ओपीएस हमारा अधिकार है” और “पुरानी पेंशन लागू करो” के नारों के साथ कर्मचारियों ने प्रबंधन की लेटलतीफी के खिलाफ जमकर रोष जताया।
0 तीन साल से लंबित है फैसला, कर्मचारियों में हताशा
राज्य शासन द्वारा वर्ष 2022 में ही पुरानी पेंशन की घोषणा कर अप्रैल 2023 से इसे लागू किया जा चुका है। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के अधिकारी-कर्मचारी आज भी इस लाभ से वंचित हैं। शासन के ऊर्जा विभाग ने 6 अक्टूबर 2023 को इसे लागू करने की सैद्धांतिक सहमति भी दे दी थी, लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रबंधन की ओर से आदेश जारी नहीं किया गया है। लगातार मिल रहे सिर्फ आश्वासनों से एनपीएस पीड़ित और ओपीएस वंचित कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है।
0 प्रबंधन को सौंपा गया ज्ञापन, 5 अक्टूबर को रायपुर में होगा बड़ा प्रदर्शन
शुक्रवार शाम साढ़े पांच बजे अतिरिक्त मुख्य अभियंता (टीएंडएसएस) एम.के. गुप्ता को कंपनी अध्यक्ष के नाम ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन के.एन.बी. राव, बसुदेव राम भगत, महेंद्र साहू, राम इकबाल सिंह, अनिल द्विवेदी, डॉ. श्वेतांबरी महंता, गायत्री महिलांगे, डॉ. रेणु कौशिक, अनिता सिंह और सुप्रिया रानी कर्ण सहित 500 से अधिक कर्मचारियों की उपस्थिति में दिया गया।
आंदोलन की अगली रणनीति के तहत अब प्रदेश के सभी मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद 5 अक्टूबर को प्रदेशभर के बिजली कर्मी राजधानी रायपुर स्थित विद्युत कंपनी मुख्यालय में एक दिवसीय प्रदर्शन और विशाल आमसभा में हिस्सा लेंगे, जहां आगे के उग्र आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
0 कई संगठनों ने दिखाई एकजुटता


इस ऐतिहासिक आंदोलन के लिए विद्युत क्षेत्र के तमाम संगठनों ने मिलकर साझा मंच तैयार किया है। इस अधिकार मंच में अभियंता संघ, पत्रोपाधि अभियंता संघ, फेडरेशन-1, भारतीय मजदूर संघ, जनता यूनियन, अधिकारी-कर्मचारी आरक्षित वर्ग संघ, फेडरेशन-56, ऑफिसर एसोसिएशन, तकनीकी कर्मचारी एकता यूनियन, डॉक्टर एसोसिएशन, तकनीकी कर्मचारी संघ और कार्यालयीन कर्मचारी संघ पूरी ताकत के साथ शामिल हैं।


