TTN डेस्क
कोरबा।जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल आकोइजाम के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) आक्रामक हो गई है। राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार, भाजपा महिला मोर्चा के आह्वान पर जिला कोरबा द्वारा सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को एक विशाल आक्रोश धरना-प्रदर्शन और कांग्रेस कार्यालय घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
यह पूरा विरोध प्रदर्शन भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गोपाल मोदी की अध्यक्षता में आयोजित होगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, विधायक श्री प्रेमचंद्र पटेल और कोरबा महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
दिनांक: सोमवार, 12 अक्टूबर 2026
समय: दोपहर 3:00 बजे
स्थान: टी.पी. नगर, कोरबा
भाजपा जिला संगठन की और से महामंत्री अभय विश्वकर्मा ने कोरबा जिले में निवासरत सभी प्रदेश, जिला, मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, पार्षद, एल्डरमैन, शक्ति केंद्र संयोजक-सहसंयोजक और बूथ समिति के सदस्यों से निर्धारित समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है। पार्टी का स्पष्ट संकल्प “नारी सम्मान, नारी सुरक्षा और नारी गरिमा की रक्षा” है।
0 क्या है सांसद आकोइजाम का पूरा मामला?
इस विरोध के केंद्र में कांग्रेस के लोकसभा सांसद और जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर डॉ. अंगोमचा बिमोल आकोइजाम से जुड़ा गंभीर विवाद है….
छात्राओं के गंभीर आरोप: जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज में प्रोफेसर रहे आकोइजाम के खिलाफ 11 महिला छात्राओं ने यौन उत्पीड़न और मौखिक रूप से अनुचित टिप्पणियां करने की शिकायत दर्ज कराई थी। छात्राओं का आरोप था कि अकादमिक गतिविधियों और वाइवा के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया तथा मार्क्स देने के नाम पर उनका शोषण करने का प्रयास किया गया।
आंतरिक समिति की जांच और बर्खास्तगी: विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) ने इन आरोपों की गहन जांच की, जिसमें उन्हें दोषी पाया गया। समिति की रिपोर्ट और सिफारिशों के आधार पर जेएनयू प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से प्रोफेसर आकोइजाम को सेवा से बर्खास्त (सैक) कर दिया है।



राजनीतिक भूचाल: इस घटना के सामने आने के बाद से ही भाजपा और एबीवीपी (ABVP) देश भर में हमलावर हैं। विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर यह आरोप लगा रही है कि गंभीर आरोपों और विश्वविद्यालय द्वारा बर्खास्तगी के बावजूद पार्टी अपने सांसद के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं कर रही है। इसी के विरोध में अब कोरबा में भी भाजपा द्वारा उग्र प्रदर्शन किया जा रहा है।

