

00 एनडीए सांसदों की बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा- सरकार ने तुरंत की कार्रवाई, 12 लोग भेजे गए जेल
00 पेपर लीक रोकना केवल केंद्र ही नहीं, पूरे देश और राज्यों का साझा दायित्व: पीएम मोदी
नई दिल्ली। देश में जारी पेपर लीक विवाद के बीच संसद से लेकर सड़क तक सियासत गरमा गई है। एक ओर जहाँ कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के सांसदों ने विरोध दर्ज कराते हुए प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दिया, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए सांसदों की बैठक में इस मुद्दे पर सरकार का पक्ष स्पष्ट किया।
धरना दे रहे प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि हम छात्रों के खून का हिसाब मांगने प्रधानमंत्री के घर आए हैं – युवाओं की गुनहगार मोदी सरकार जवाबदेही और संसद में चर्चा से भाग नहीं सकती।देश के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने, और उनके ख़िलाफ क्रूरता के लिए नरेंद्र मोदी, अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी भी तेज कदमों से चलते हुए नारेबाजी के बीच धरना देने पहुंची।धरना स्थल पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित सभी प्रमुख सांसद उपस्थित है।अभी मिली जानकारी के अनुसार संसदीय कार्य राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह धरना स्थल पीएम आवास के बाहर राहुल गांधी से बात करने पहुंचे है।
इससे पहले संसद के मानसून सत्र के दौरान आयोजित बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया को प्रधानमंत्री के संबोधन की जानकारी दी। रिजिजू ने बताया कि नीट (NEET) परीक्षा मामले पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे ही गड़बड़ी की खबर आई, सरकार ने तुरंत कड़े कदम उठाए और मामले में संलिप्त 12 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
प्रधानमंत्री ने बताया कि छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए बिना किसी देरी के दोबारा परीक्षा का सफल आयोजन कराया गया और इसके नतीजे भी समय पर घोषित किए गए।
संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने अपील की कि देश के शीर्ष वकील इस मामले में सहयोग करें, ताकि पेपर लीक जैसे अपराध में शामिल दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक की रोकथाम केवल केंद्र सरकार का मामला नहीं है, बल्कि इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए देश के सभी राज्यों को एकजुट होकर सख्त कार्रवाई करनी होगी।


