TTN डेस्क 
कोरबा / हरदीबाजार। नगरीय निकाय और जिला पंचायत से लेकर राज्य और केंद्र तक सत्ता में काबिज ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार के बावजूद अपनी ही सरकार व प्रशासन में सुनवाई न होने से हताश कटघोरा के भाजपा विधायक प्रेमचंद पटेल को आखिर अपनी ही व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोलना पड़ा है। शुक्रवार तड़के पुलिस बल की शह पर SECL द्वारा हरदीबाजार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) को बुलडोजर से जमींदोज किए जाने के बाद विधायक और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
शनिवार को विधायक प्रेमचंद पटेल की अगुवाई में सराई सिंगार, रेंकी और आसपास के गांवों के सैकड़ों विस्थापितों ने दीपका स्थित SECL महाप्रबंधक (GM) कार्यालय का घेराव कर मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी और दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए।
0 वोट बैंक खिसकने का डर और चुनावी खामियाजे का रोष
राजनैतिक गलियारों में यह चर्चा गर्म है कि विधायक का यह रोष केवल जनहित तक सीमित नहीं है, बल्कि आगामी चुनावों में होने वाले भारी नुकसान की आशंका का नतीजा है। SECL की दीपका विस्तार परियोजना के तहत 18 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण के इस विवाद से कटघोरा निर्वाचन क्षेत्र के ग्रामीण ही सर्वाधिक प्रभावित हो रहे हैं। जनसुविधाओं पर बुलडोजर चलने और प्रभावितों की सुध न लिए जाने से क्षेत्र की जनता में जबरदस्त आक्रोश है, जिसका सीधा खामियाजा चुनाव में भाजपा विधायक को ही भुगतना पड़ेगा।
0 100% मुआवजा और स्थायी नौकरी की मांग पर अड़े विस्थापित
विधायक और ग्रामीणों ने SECL प्रबंधन पर एकतरफा और तानाशाही रवैये का आरोप लगाया है। प्रदर्शनकारियों की स्पष्ट मांगें हैं:
जमीन अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों को नियम के अनुसार 100% उचित मुआवजा मिले।
विस्थापितों को स्थायी नौकरी और सम्मानजनक नई बसाहट दी जाए।
गिराए गए स्वास्थ्य केंद्र के विकल्प के रूप में डॉक्टरों की तत्काल समुचित व्यवस्था की जाए।
0 GM की समझाइश रही बेअसर, माहौल तनावपूर्ण
धरने के दौरान दीपका GM अशोक कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने और विधायक व ग्रामीणों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन ठोस आश्वासन न मिलने से बातचीत पूरी तरह विफल रही। ग्रामीणों ने दोटूक चेतावनी दी है कि जब तक मांगों का लिखित समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
0 एसईसीएल जीएम व विधायक की जमीन पर बैठक, 21 सितंबर को बिलासपुर में होगी वार्ता, तब खुला ताला
प्रशासनिक बुलडोजर कार्रवाई के बाद उपजा जनआक्रोश शनिवार शाम तक जारी रहा। आंदोलन के दौरान जब एसईसीएल दीपका के क्षेत्र प्रमुख (जीएम) अशोक कुमार मौके पर पहुंचे, तो कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ग्रामीणों के साथ जमीन पर ही बैठकर उनसे सीधे संवाद करने लगे।
चर्चा के दौरान जीएम अशोक कुमार ने स्पष्ट किया कि मुख्य नीतिगत अधिकार बिलासपुर मुख्यालय के पास हैं और निर्णय वहीं से होंगे। हालांकि, विधायक और ग्रामीण दीपका एरिया ऑफिस में ही तत्काल बैठक आयोजित करने की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने दीपका जीएम पर गांव में भय और अशांति फैलाने का सीधा आरोप लगाया।
0 मूसलाधार बारिश में भी डटे रहे ग्रामीण
आंदोलन की उग्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि क्षेत्र में एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश के बावजूद ग्रामीण मौके से नहीं हटे और धरना-प्रदर्शन जारी रखा। इस आंदोलन में केवल हरदीबाजार ही नहीं, बल्कि खदान प्रभावित गांव—सराईसिंगार, रेंकी, मलगांव, आमगांव, दर्राखांचा और सुआभोड़ी के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में पहुंचे। इन ग्रामीणों का पूरा गांव खदान में समा चुका है, लेकिन वे आज भी रोजगार, बसाहट और मकान के उचित मुआवजे के लिए भटक रहे हैं।
0 21 को बिलासपुर में होगी निर्णायक बैठक
शाम 5 बजे तक चले भारी हंगामे के बाद एरिया जीएम अशोक कुमार और कटघोरा एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि 21 सितंबर (सोमवार) को बिलासपुर स्थित एसईसीएल मुख्यालय में प्रभावितों की मांगों को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। प्रशासनिक आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने शाम को अपना आंदोलन स्थगित किया और जीएम ऑफिस के गेट पर जड़ा ताला खोला।
0 विधायक की चेतावनी—मांगें नहीं मानीं तो खदान भी करेंगे बंद
“प्रशासन को ग्राम पंचायत को पूर्व सूचना देकर ही नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए थी। बिना सूचना इस तरह की दमनकारी कार्रवाई पूरी तरह गलत है। यदि एसईसीएल दीपका प्रबंधन ग्रामीणों की जायज मांगें नहीं मानता है, तो अभी केवल जीएम ऑफिस के गेट पर ताला जड़ा गया है, आने वाले दिनों में खदान का काम भी पूरी तरह बंद कराया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी दीपका प्रबंधन की होगी।”
— प्रेमचंद पटेल, विधायक, कटघोरा विधानसभा

