TTN डेस्क 
कोरबा। हरदीबाजार तहसील के ग्राम अमगांव में एसईसीएल (SECL) द्वारा शासकीय भवनों को ढहाए जाने की घटना पर मचे बवाल के बाद जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी प्रेस बयान के अनुसार, सुरक्षा और खदान विस्तार के मद्देनजर जर्जर हो चुकी इमारतों को तोड़े जाने से पहले ही संबंधित शासकीय संस्थानों को सुरक्षित व वैकल्पिक स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया था।
0 कार्रवाई से पहले ही की जा चुकी थी शिफ्टिंग
प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक, खदान क्षेत्र के बेहद पास स्थित पटवारी कार्यालय, आंगनबाड़ी भवन एवं छात्रावास काफी समय से जर्जर हालत में थे। सुरक्षा कारणों से पटवारी कार्यालय को करीब दो माह पहले ही तहसील कार्यालय स्थानांतरित कर दिया गया था। इसी तरह आंगनबाड़ी और छात्रावास को भी पहले ही दूसरे स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया था।
वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) भवन के खदान के समीप होने के कारण खंड चिकित्सा अधिकारी के अनुरोध पर इसे कार्रवाई से दो दिन पूर्व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में शिफ्ट किया गया, जहाँ स्वास्थ्य सेवाएँ निर्बाध रूप से जारी हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जर्जर भवनों को हटाने की कार्रवाई एसईसीएल द्वारा जिला प्रशासन के पूर्ण समन्वय से की गई है और किसी भी संचालित कार्यालय को बलपूर्वक तोड़े जाने का दावा गलत है।
0 विधायक के विरोध के बाद बिलासपुर में आज होगी बैठक
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार तड़के भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस बुलडोजर कार्रवाई का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया था। सत्तारूढ़ भाजपा के क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद पटेल भी मौके पर मौजूद थे और उन्होंने इस कार्रवाई को गलत बताया था।
सुनवाई न होने से नाराज विधायक ने शनिवार को जीएम कार्यालय का घेराव कर गेट पर धरना दिया। इसके बाद एसईसीएल प्रबंधन और प्रशासन की मध्यस्थता में सोमवार (आज) बिलासपुर स्थित एसईसीएल मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक तय की गई, जिसके आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ। फिलहाल सभी की निगाहें आज होने वाली बिलासपुर बैठक के निर्णयों पर टिकी हैं।

