00 तेज प्रताप यादव सहित बंद छात्र और नेता होंगे रिहा
TTN डेस्क
पटना:बिहार सरकार के गृह विभाग ने सोमवार की रात नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में कथित गड़बड़ी और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर हुए राज्यव्यापी छात्र आंदोलन पर एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने प्रेस रिलीज जारी कर घोषणा की है कि इस आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों और छात्रों पर दर्ज की गई तमाम कानूनी कार्रवाइयों को वापस लिया जाएगा।
0 26 जुलाई शाम 6 बजे तक के सभी केस होंगे रद्द
गृह विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे से पहले हुए इस आंदोलन से जुड़े किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अब कोई नई दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
0 सरकार ने स्पष्ट किया है कि:
FIR और नोटिस होंगे वापस: 26 जुलाई शाम 6 बजे से पहले दर्ज की गई सभी प्राथमिकियों (FIR), शिकायतों और कारण बताओ नोटिस को वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू कर दी गई है।
जेल में बंद लोग होंगे रिहा: आंदोलन के दौरान गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए सभी लोगों को जल्द से जल्द रिहा करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
भविष्य में भी नहीं होगी कार्रवाई: गृह विभाग ने आश्वस्त किया है कि इस समय सीमा से पहले दर्ज मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति पर भविष्य में भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
0 355 लोग जेल में बंद, तेज प्रताप यादव भी होंगे रिहा
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, नीट परीक्षा में सुधार और उच्च शिक्षा में जवाबदेही की मांग को लेकर हुए इस उग्र प्रदर्शन के दौरान पूरे बिहार से 694 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जबकि 355 लोगों को जेल भेजा गया था।
इस प्रदर्शन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले ‘जनशक्ति जनता दल’ के प्रमुख और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव भी वर्तमान में जेल में बंद हैं। बिहार सरकार के इस फैसले के बाद अब तेज प्रताप यादव सहित जेल में बंद सैकड़ों छात्रों और समर्थकों के बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
गृह विभाग ने साफ किया है कि यह फैसला छात्रों के भविष्य, परीक्षा प्रणाली में सुधार और आंदोलन के संदर्भ को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता के साथ लिया गया है।


