रेखाचित्र : AI निर्मित
TTN डेस्क
किश्तवाड़। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के अठोली पुलिस स्टेशन में सेना के जवानों और पुलिसकर्मियों के बीच कथित हाथापाई का एक गंभीर मामला सामने आया है.
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह विवाद 24 जून की शाम को एक एसयूवी (SUV) गाड़ी को वापस लेने की बात पर शुरू हुआ, जिसके बाद सेना के जवानों पर पुलिस स्टेशन की दीवारें फांदकर अंदर घुसने का आरोप है. घटना के दौरान स्थिति तब और बिगड़ गई जब एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने सेना के मेजर पर राइफल तान दी. इसके बाद सेना ने कथित तौर पर एसयूवी को अपने कब्जे में ले लिया.
इस मामले में पुलिस ने 17 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल एन अरुण गांधी, मेजर शर्मा और कई अन्य नामजद व 30-40 अज्ञात सैन्य कर्मियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 14 गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है. इसमें हत्या का प्रयास (धारा 109), सरकारी काम में बाधा डालना, दंगा और गैर-कानूनी जमावड़ा जैसी गैर-जमानती धाराएं शामिल हैं. पुलिस का आरोप है कि सैन्य कर्मियों ने कमांडिंग ऑफिसर के सीधे निर्देश पर सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर और स्टेशन हाउस ऑफिसर के साथ मारपीट की.

हालाँकि, जम्मू-कश्मीर में ‘आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर्स एक्ट’ (आफ्सपा) लागू होने के कारण इस मामले में सैन्य कर्मियों की गिरफ्तारी की संभावना कम है, क्योंकि इसके लिए गृह विभाग से पूर्व मंजूरी अनिवार्य है. दूसरी ओर, सेना ने बयान जारी कर कहा है कि वे कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग कर रहे हैं और संयुक्त जांच के नतीजों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई जब सेना चिसोटी गांव में बादल फटने के बाद बह गए एक पुल के पुनर्निर्माण और उसके उद्घाटन की तैयारी कर रही थी.


