


00 10 जनपथ पर प्रेस कॉन्फ्रेंस: राहुल गांधी ने घायल छात्र साहिल की चोटें दिखाते हुए लगाए गंभीर आरोप
00 20 जुलाई के प्रदर्शन में गई छात्र की आंख की रोशनी,सर्जरी के बाद भी ठीक होने की सिर्फ 1% संभावना
00 नेता प्रतिपक्ष बोले- “अपराधी हैं शिक्षा मंत्री, ध्वस्त हो चुकी है देश की शिक्षा व्यवस्था”
TTN डेस्क
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के बीच मामला अब और गर्मा गया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को अपने आवास 10 जनपथ पर 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान घायल हुए 19 वर्षीय छात्र साहिल लोचाब के साथ शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान राहुल गांधी ने छात्र के हाथ, पीठ और छाती पर लगी चोट के निशान मीडिया को दिखाए और केंद्र सरकार व पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
0 शिक्षा मंत्री को बताया ध्वस्त व्यवस्था का प्रतीक
पत्रकारों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं। वे हमारे एजुकेशन सिस्टम के पूरी तरह ध्वस्त होने का प्रतीक हैं। उन्हें तुरंत पद छोड़ना ही होगा। उन्हीं की नाकामी की वजह से आज हजारों छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।”
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्र जब हाथ में तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था, तब उस पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, सरकार का कहना है कि पुलिस द्वारा पैलेट गन का प्रयोग नहीं किया गया।
0 20 जुलाई को हुई थी पुलिस और छात्रों में झड़प
गौरतलब है कि 20 जुलाई को नीट पेपर लीक के विरोध में संसद मार्च निकाला गया था। जंतर-मंतर के पास पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़प में 100 से अधिक छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इसी दौरान नजफगढ़ (दक्षिण-पश्चिम दिल्ली) निवासी व दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) का छात्र साहिल भी गंभीर रूप से घायल हो गया था।
0 डॉक्टरों की रिपोर्ट: रोशनी लौटने के आसार सिर्फ 1%
साहिल की दाहिनी आंख में गंभीर चोट आई है। उन्हें एम्स (AIIMS) के जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनकी सर्जरी हुई है। परिजनों के अनुसार, डॉक्टरों ने बताया है कि पुतली को भारी नुकसान पहुंचने के कारण आंख की रोशनी लौटने की संभावना अब महज 1% ही बची है।
साहिल की मां ज्योति ने भरे गले से बताया कि उनका बेटा भविष्य में एक पुलिस अधिकारी बनना चाहता था और पढ़ाई से जुड़े मुद्दों को लेकर हमेशा सजग रहता था। लेकिन इस हादसे ने उसके सपनों को गहरा धक्का पहुंचाया है।


