नई दिल्ली (टीटीएन डेस्क)।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देश की राजधानी नई दिल्ली में मंगलवार को राजनीतिक पारा और गरमा गया है। एक तरफ जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का विरोध प्रदर्शन जारी है, तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और विपक्षी दलों ने सीधे प्रधानमंत्री आवास को घेरने की रणनीति अपनाई।हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने एक पोस्ट में कहा है कि गिरफ़्तार करो, जेल में डालो, फर्क नहीं पड़ता – मोदी सरकार की सत्ता की ताकत से ज़्यादा बड़ी हमारे सत्याग्रह की शक्ति है।हमारे बच्चों के साथ हुए अत्याचार का हिसाब तो देना ही होगा।
0 7 लोक कल्याण मार्ग पर विपक्ष का धरना
मंगलवार दोपहर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। विपक्षी नेताओं की मांग है कि शिक्षा व्यवस्था में जारी गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
0 राहुल, प्रियंका और अखिलेश यादव पुलिस हिरासत में
पीएम आवास के बाहर बढ़ते हंगामे और विरोध को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में ले लिया है।
कार्रवाई के बाद कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हिरासत के दौरान राहुल और प्रियंका गांधी के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया है। खेड़ा ने यह भी दावा किया कि पुलिस नेताओं को किसी अज्ञात स्थान पर ले गई है जिसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है।
0 केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का पलटवार






इससे पहले, पीएम आवास के पास धरना दे रहे विपक्षी नेताओं से बातचीत करने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह पहुंचे थे। मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर राहुल गांधी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। जितेंद्र सिंह ने लिखा कि बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने जो सहमति जताई थी और वादा किया था, बाद में वे उससे पूरी तरह मुकर गए।
0 क्या लिखा जितेंद्र सिंह ने अपनी पोस्ट में
राहुल गांधी पर अपनी बात से मुकर जाने का दावा करते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लिखा, “राहुल गांधी से अनुरोध किया गया कि वे अपना धरना समाप्त करें, क्योंकि यह स्थल धरने का स्थल नहीं है, और यहां पर धरना करने से जनसाधारण को काफी असुविधा भी पहुंच रही है. राहुल गांधी जी ने यह मांग रखी कि अगर सरकार संसद में नीट और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर चर्चा करने के लिए मान जाती है, तो वह अपना धरना तुरंत समाप्त कर देंगे. कुछ ही समय में सरकार के शीर्ष नेतृत्व की अनुमति लेने के बाद, राहुल गांधी को यह आश्वसान दिया गया कि उनकी मांग को मान लिया गया है, और सरकार नीट और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर संसद में चर्चा करने को तैयार है.”
“राहुल गांधी जी को जब यह सूचना पहुंचाई गई तो उन्होंने कहा कि वह इतने पर ही नहीं मानेंगे बल्कि उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे़ का भी आश्वसान चाहा. उन्होंने कहा कि अब मेरी दो मांगे हैं: संसद में चर्चा एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा.”
“जब उनको याद दिलाया गया कि पहले उन्होंने केवल चर्चा की ही मांग की थी, तब उन्होंने कहा कि अब मेरी मांगें बदल गई हैं. जब उनको विनम्रता से ये समझाने का प्रयास किया गया कि उनके जैसे वरिष्ठ नेता को इतनी जल्दी अपनी बात से मुकर जाना शोभा नहीं देता, तो उन्होंने कहा कि यह उनकी मर्ज़ी है. जब गृह सचिव ने यह समझाने का प्रयास किया कि यह स्थल धरने के लिए अनुकूल नहीं हैं तो उनका उत्तर था कि ये भी उनकी मर्ज़ी है वे जहां बैठें.”
“राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष का अपनी बात से मुकर जाना दुर्भाग्यपूर्ण है. कांग्रेस पार्टी ने आज तक इस गंभीर विषय पर नियमानुसार औपचारिक चर्चा करने का कोई नोटिस नहीं दिया है. राहुल गांधी का व्यवहार लोकतंत्र के उसूलों से मेल नहीं खाता है.”
फिलहाल, विपक्षी दिग्गजों की गिरफ्तारी और तीखी बयानबाजी के बाद दिल्ली का राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है।


