TTN डेस्क
श्रीनगर।दक्षिण कश्मीर के कुलगाम (केलम) में ईंट-भट्टे पर काम कर रहे छत्तीसगढ़ के दो निर्दोष मजदूरों की आतंकवादियों ने शुक्रवार की देर रात क्रूरता से हत्या कर दी।
खबरों के अनुसार, आतंकियों ने पहले उनका नाम और धर्म पूछा और फिर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।
मृतक मजदूर (छत्तीसगढ़ निवासी):
🔹 दीपक रात्रे (उम्र 24 वर्ष)
🔹 भूपेंद्र (उम्र 28 वर्ष)



लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) के आतंकियों द्वारा अंजाम दी गई इस कायराना वारदात की जितनी निंदा की जाए कम है। रोजी-रोटी कमाने गए निहत्थे मजदूरों पर ऐसा हमला बेहद दर्दनाक और निंदनीय है।दोनों मजदूरों का अंतिम संस्कार यहीं कर दिया गया।
0 उमर अब्दुल्लाह ने दुख जताया,10 लाख की सहायता
बेंगलुरु में मौजूद उमर अब्दुल्लाह ने पत्रकारों से कहा, “यह वाक़ई बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. लोग काम करने के लिए बाहर से कश्मीर आजीविका कमाने आए थे. ऐसे निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया. इस हमले की जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है.”
“पैसा शोक संतप्त परिवारों के दुख को कम नहीं कर सकता, लेकिन इस कठिन समय में उनकी मदद के लिए हमारी ओर से यह एक छोटा सा प्रयास है.”
0 सीएम साय ने की 20 लाख की सहायता की घोषणा
उधर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य सरकार की ओर से दोनों दिवंगत मज़दूरों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की.
इसी महीने दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग ज़िले में अज्ञात बंदूकधारियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल आशिक़ हुसैन पर गोलीबारी की थी, जिसमें उनकी मौत हो गई थी. यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में क़ैद हुई थी. आशिक़ हुसैन मूल रूप से बडगाम ज़िले के निवासी थे.


