TTN डेस्क
बालकोनगर, 5 सितंबर 2026। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने कर्मचारी कल्याण और टाउनशिप विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए नवनिर्मित ‘वरदान’ अपार्टमेंट का उद्घाटन किया है। यह बिलासपुर और सरगुजा संभाग की पहली पार्किंग युक्त 9 मंजिला (जी+9) आवासीय इमारत है, जिसके निर्माण के साथ ही कोरबा जिला इस क्षेत्र में ऊंची इमारतों के निर्माण के मामले में प्रथम स्थान पर आ गया है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री राजेश कुमार सिंह ने युवा कर्मचारियों को उनके नए आवासों की चाबियां सौंपीं।
0 युवा कर्मचारियों की सुविधाओं के लिए खास डिजाइन
‘वरदान’ नाम शुभता और समृद्धि का प्रतीक है। बालको के युवा कर्मचारियों की आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस आधुनिक परिसर को तैयार किया गया है। जी+9 संरचना वाले इस अपार्टमेंट में कुल 172 सुसज्जित आवास हैं। प्रत्येक आवास को वन बीएचके स्टूडियो अपार्टमेंट की अवधारणा पर बनाया गया है, ताकि युवाओं को एक बेहतर और आरामदायक जीवनशैली मिल सके।
इस अवसर पर सीईओ श्री राजेश कुमार सिंह ने कहा, “बालको की प्रगति में हमारे कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनका कल्याण हमारी विकास यात्रा का अहम हिस्सा है। ‘वरदान’ अपार्टमेंट हमारे युवा कर्मचारियों को सुविधाजनक और बेहतर आवास उपलब्ध कराएगा, जिससे उनकी रोजमर्रा की जरूरतें आसानी से और बेहतर ढंग से पूरी हो सकेंगी।”
9 आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस है परिसर
‘वरदान’ अपार्टमेंट के प्रत्येक आवास में कर्मचारियों के लिए उच्च-स्तरीय सुविधाएं जुटाई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
घरेलू उपकरण व फर्नीचर: मॉड्यूलर किचन, टेलीविजन, फर्निश्ड अलमारी, सोफा-कम-बेड, फ्रिज और वॉशिंग मशीन।
परिसर की सुविधाएं: तीन आधुनिक लिफ्ट, कचरा संग्रहण एवं पृथक्करण की व्यवस्था और पूरी तरह सुरक्षित वातावरण।
हरित क्षेत्र व मनोरंजन: लगभग 35,000 वर्गफुट का हरा-भरा और मनोरंजन क्षेत्र।
सामुदायिक स्थल: कैफेटेरिया-कम-डाइनिंग स्पेस और बैंक्वेट हॉल, जो सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान करेंगे।
0 पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबिलिटी पर विशेष जोर
यह परिसर पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों से लैस है। इसमें ऊर्जा और जल संरक्षण के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं:
सौर ऊर्जा: परिसर में 50 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया गया है।
जल संरक्षण: 80 हजार लीटर (80 किलोलीटर) प्रतिदिन क्षमता वाला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और तीन वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) संरचनाएं बनाई गई हैं।
0 SECL क्षेत्र में भी हाई-राइज संस्कृति की शुरुआत




बालको की इस अनूठी पहल के बाद अब एसईसीएल (SECL) द्वारा भी गेवरा और दीपका क्षेत्र के कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए इसी तर्ज पर हाई-राइज बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। बालको द्वारा शुरू की गई इस हाई-राइज आवासीय संस्कृति से कोरबा जिले में आधुनिक शहरी विकास को एक नया आयाम मिला है।


