00 मुंबई में जेन-जी और जेन-अल्फा छात्रों से संवाद, करीब 2,000 युवा शामिल
TTN डेस्क
मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुवार को मुंबई में जेन-जी और जेन-अल्फा पीढ़ी के छात्रों से खुलकर संवाद किया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी हमारी पीढ़ी से कहीं ज्यादा ईमानदार और देशभक्त है। हमें उनकी बात समझनी चाहिए। अगर उनसे सही समय पर बातचीत होती तो कई आंदोलन नहीं होते।
यह संवाद इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 11 से 19 साल की उम्र के करीब 2,000 छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। भागवत ने करीब एक घंटे तक युवाओं के सवालों के जवाब दिए।
भागवत ने कहा कि जब हम उनकी उम्र के थे, तब बड़े जो कहते थे, हम मान लेते थे। लेकिन आज की जेन-जी सवाल करती है। उन्हें जवाब और प्यार दोनों चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं का आंदोलन सिस्टम में सुधार के लिए होता है, न कि देश के खिलाफ। अगर सरकार समय पर बात कर लेती तो दिल्ली के जंतर-मंतर जैसे आंदोलनों की जरूरत नहीं पड़ती।
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी बात की और कहा कि शिक्षा को व्यावसायिक नहीं बनाना चाहिए। इसे सर्वसुलभ बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और समान अधिकारों की जरूरत पर भी उन्होंने जोर दिया।

कार्यक्रम के अंत में भागवत ने जेन-जी स्टाइल में ‘फिंगर क्लैप’ करके युवाओं को गले लगाया। उन्होंने कहा कि यह तरीका उन्होंने खुद युवाओं से सीखा है।
स्थानीय स्तर पर यह संवाद युवाओं की सोच और व्यवस्था के बीच बढ़ते संवाद की जरूरत को रेखांकित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित करने में मददगार साबित हो सकते हैं।

