


00 जेपीएससी और जेएसएससी में धांधली का आरोप, रद्द करने की मांग
TTN डेस्क
रांची।आंदोलन की मुख्य वजह जेपीएससी 14वीं प्रारंभिक परीक्षा के नतीजों में सामने आई कथित गड़बड़ी है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का कहना है कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं, जिसके कारण कई लोगों की गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि इस परीक्षा को तुरंत रद्द किया जाए और पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए।
0 सीआईडी जांच के बीच जेपीएससी अध्यक्ष का इस्तीफा
विवाद बढ़ता देख राज्य सरकार ने मामले की जांच सीआईडी को सौंपी थी। सीआईडी की पूछताछ और बढ़ते दबाव के बीच 22 जुलाई को जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद मुख्य परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। प्रदर्शन स्थल पर हर शाम अभ्यर्थियों का हुजूम उमड़ रहा है, जिसमें आम छात्रों के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों (बीजेपी, आजसू और जेएलकेएम) से जुड़े युवा भी शामिल हो रहे हैं।
0 कौन हैं आंदोलन की अगुवाई कर रहे देवेंद्र नाथ महतो?
रांची जिले के राहे प्रखंड के कापीडीह गांव के रहने वाले देवेंद्र नाथ महतो झारखंड के छात्र आंदोलनों का एक चर्चित चेहरा हैं। संस्कृत और कुरमाली भाषा में उच्च शिक्षा प्राप्त देवेंद्र साल 2015 से ही छात्रों के हक के लिए सड़कों पर उतरते रहे हैं।
30 से अधिक मुकदमे: छात्र हितों की आवाज उठाने के कारण उनके ऊपर 30 से अधिक मामले दर्ज हैं।
राजनीतिक सफर: 2024 के लोकसभा चुनाव में रांची सीट से जेल में रहते हुए चुनाव लड़कर उन्होंने 1.48 लाख से अधिक वोट हासिल किए थे। इसके बाद सिल्ली विधानसभा चुनाव में जेएलकेएम के टिकट पर लड़कर 44 हजार से ज्यादा वोट प्राप्त किए और दोनों जगह तीसरे स्थान पर रहे।
सफलतापूर्वक नेतृत्व: उनके सहयोगियों के अनुसार, उनके आंदोलनों के दबाव में ही पूर्व में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द हुई थी और जैक की मैट्रिक परीक्षा का पेपर लीक मामला सामने आने पर उसे भी रद्द करना पड़ा था।
0 अनशन से बिगड़ रही तबीयत, डॉक्टरों की टीम तैनात
तपती धूप और फिर बारिश के बीच अनशन के कारण देवेंद्र नाथ महतो का स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है। रांची सदर अस्पताल के डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है। डॉक्टरों के अनुसार, उनका ब्लड प्रेशर लो हो रहा है, शुगर का स्तर घट रहा है और वे डिहाइड्रेशन व अत्यधिक थकान से जूझ रहे हैं।
0 आखिर क्यों खामोश है मुख्यधारा का तंत्र?
हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे और युवाओं के इस बड़े प्रदर्शन के बावजूद इसे राष्ट्रीय या मुख्यधारा की चर्चाओं में वह स्थान नहीं मिल पा रहा है जिसका यह हकदार है। छात्र अभ्यर्थियों का कहना है कि नौकरियों में पारदर्शिता की यह लड़ाई राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य का फैसला करेगी, इसलिए जब तक सीबीआई जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग पूरी नहीं होती, यह संघर्ष जारी रहेगा।
0 सरकार बातचीत को तैयार
इस बीच सीएम सोरेन का कहना है कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है।छात्र अपना एक प्रतिनिधिमंडल सीएम आवास भेजे । यहां सरकार विशेषज्ञों की एक टीम के साथ चर्चा करे।किन्तु अब तक आंदोलनकारी छात्र सरकार से आंदोलन स्थल पर ही चर्चा करने की मांग पर अड़े हुए है।


