00 इंस्टाग्राम पर जारी 5वें वीडियो में बोले प्रधानमंत्री- “सजा देने से परिस्थितियां नहीं बदलेंगी, ये गुमराह बच्चे हैं”
TTN डेस्क
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हाल ही में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत माताजी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल का मामला गरमाया हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात इंस्टाग्राम पर एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में प्रधानमंत्री ने कहा कि जंतर-मंतर पर जो कुछ भी हुआ, उसे पूरी दुनिया ने देखा है। यह सभ्य समाज के लिए कतई शोभा नहीं देता। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने बड़प्पन दिखाते हुए कहा, “बचपन में गलतियां होती हैं। ये गुमराह बच्चे हैं, इन्हें राह दिखाने का समय है। मैं इन्हें माफ करता हूं। सजा देने से हम परिस्थितियां नहीं बदल पाएंगे।”
0 “बेटी की ऐसी भाषा ‘कल्चरल शॉक’ जैसी, लेकिन मैं आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए तत्पर”
प्रधानमंत्री मोदी ने समाज में बढ़ रहे आक्रोश को लेकर कहा कि वे जनता के गुस्से को भली-भांति समझते हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, “यह हमारे लिए एक ‘कल्चरल शॉक’ जैसा है कि हमारी बेटियां इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कैसे कर सकती हैं।” इसके साथ ही उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार काम कर रहे हैं और सभी को आगे बढ़ते रहना चाहिए।
0 9 दिनों में 5वां वीडियो, रात 11 बजे जारी मैसेज को 30 मिनट में मिले 13 लाख लाइक्स
प्रधानमंत्री द्वारा इंस्टाग्राम रील्स के जरिए युवाओं से सीधे संवाद करने का यह सिलसिला तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। पिछले 9 दिनों के भीतर पीएम मोदी का यह 5वां वीडियो है। शुक्रवार रात 11 बजे जारी किए गए इस ताजा वीडियो को महज 30 मिनट के भीतर 13 लाख से अधिक लोगों ने लाइक किया, जबकि उनके पिछले 4 वीडियो पर 90 करोड़ से भी ज्यादा व्यूज आ चुके हैं।
0 जानिए क्या है पूरा मामला?
घटना (23 जुलाई): जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान रुचिका सिंह नामक लड़की का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह पीएम मोदी के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करती नजर आई थीं।
पुलिस कार्रवाई (30 जुलाई): गाजियाबाद निवासी स्मृति सिंह की शिकायत पर नोएडा के एक्सप्रेसवे पुलिस स्टेशन में रुचिका के खिलाफ सार्वजनिक उपद्रव, मानहानि और जानबूझकर अपमान करने का मामला दर्ज किया गया।
राजनीतिक घमासान: विपक्षी दलों (कॉकरोच जनता पार्टी आदि) ने इस कानूनी कार्रवाई का विरोध किया था, जिसके बाद अब प्रधानमंत्री ने स्वयं वीडियो जारी कर छात्रों को माफ करने की बात कही है।
0 पेपर लीक और छात्र मुद्दों पर एक्शन में सरकार (हालिया घटनाक्रम)
प्रधानमंत्री मोदी पिछले कुछ दिनों से लगातार युवाओं और परीक्षा सुधारों से जुड़े मुद्दों पर वीडियो संदेश जारी कर रहे हैं:
30 जुलाई: संसद में पेपर लीक विरोधी संशोधन बिल पास होने के बाद पीएम ने कहा कि हर राज्य और केंद्र सरकार दशकों से इस समस्या से जूझ रही है।
26 जुलाई: परीक्षा सुधार के लिए 6 सदस्यीय हाई-पावर टास्क फोर्स का गठन किया गया, जिसकी अध्यक्षता इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि कर रहे हैं।
24 जुलाई: पीएम ने देश के युवाओं द्वारा वीडियो पर दिए गए सकारात्मक सुझावों के लिए उनका धन्यवाद जताया।

23 जुलाई: देर रात पेपर लीक संशोधन बिल का ऐलान करते हुए पीएम ने कहा कि यह लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए अत्यंत पीड़ादायक विषय है, जिस पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।


