नई दिल्ली।(TTN डेस्क)
करीब 26
दिनों के अनशन के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने मेदांता अस्पताल (गुरुग्राम) में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। सरकार से युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अनशन तोड़ा।
0 मुख्य बातें:
अनशन की अवधि: लगभग 26 दिन (जून के अंत से शुरू)।
शर्त: छात्रों/युवाओं पर पुलिस कार्रवाई या FIR न होने का आश्वासन।
स्थिति: अस्पताल में भर्ती थे, वजन काफी कम हो गया था, लेकिन उन्होंने कहा था कि “अभी भी जिंदा हूं”।
पृष्ठभूमि: यह NEET-UG पेपर लीक और शिक्षा सुधारों से जुड़े छात्र आंदोलन (Cockroach Janta Party) के समर्थन में था।
आधी रात को पीएम मोदी के युवाओं को वीडियो जारी करने के बाद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और जेपी नड्डा मेदांता अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार की ओर से दिया गया आश्वासन पत्र वांगचुक को पढ़कर सुनाया। इसके बाद जेपी नड्डा ने सोनम वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।
0 पीएम मोदी ने की स्वस्थ रहने की प्रार्थना,कहा पुराना वजन फिर से हासिल करें
सोनम वांगचुक का अनशन खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट कर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। पीएम मोदी ने लिखा—
“मैं सोनम जी से आग्रह करता हूं कि वो डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या रखें और जल्द से जल्द अपना पुराना वजन फिर से प्राप्त करें। मैं प्रभु से प्रार्थना करता हूं कि सोनम जी स्वस्थ रहें।”
0 संभावित हिंसा टालने के लिए लिया फैसला,65 सांसदों ने भी किया आग्रह : वांगचुक
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने भी ‘X’ पर अस्पताल से अपनी तस्वीरें साझा करते हुए लिखा—
“मैंने आखिरकार 26 दिनों बाद अपना अनशन तोड़ दिया है। इससे पहले, अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे मिलकर या पत्र लिखकर अनशन तोड़ने का आग्रह किया था। यह कदम कई शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।”


