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ब्रेकिंग…कोरबा : राखड़ बांध फूटने से मलबे में दबा JCB ऑपरेटर

00 HTPP के झाबू राखड़ डेम में बड़ा हादसा; प्रबंधन की लापरवाही ने ली एक और जान, इलाके में भारी तनाव

TTN डेस्क

कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा में आज रविवार की दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एचटीपीपी का ग्राम झाबू स्थित राखड़ डेम अचानक भरभरा कर फूट गया। इस भयावह हादसे में वहां काम कर रहा एक JCB ऑपरेटर मशीन सहित देखते ही देखते राख के विशाल मलबे और दलदल में समा गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खुल गई।

0 सैलाब की तरह आया राख का मलबा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डेम के एक हिस्से में काफी समय से दबाव बन रहा था। अचानक वह हिस्सा ढह गया और राख का सैलाब बहने लगा। जेसीबी मशीन के जरिए वहां काम कर रहा ऑपरेटर जब तक कुछ समझ पाता या बाहर निकलने की कोशिश करता, तब तक राख के भारी दबाव ने उसे मशीन समेत अपनी चपेट में ले लिया। वहां मौजूद अन्य मजदूरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन राख का दलदल इतना गहरा था कि सब बेबस नजर आए।

0 प्रबंधन के फूले हाथ-पांव, देर से शुरू हुआ रेस्क्यू

हादसे की खबर मिलते ही एचटीपीपी प्रबंधन और सुरक्षा टीम मौके पर पहुंची, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि तब तक काफी देर हो चुकी थी। हालांकि, सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अमला और बचाव दल राहत कार्य में जुट गया है, लेकिन राख के भारी जमाव के कारण ऑपरेटर को निकालने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

0 सुरक्षा पर सवाल: चेतावनी को किया गया नजरअंदाज

स्थानीय ग्रामीणों और कामगारों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि:
* राखड़ डेम की जर्जर स्थिति को लेकर बार-बार चेतावनी दी गई थी।
* प्रबंधन ने सुरक्षा मानकों और मरम्मत कार्य में घोर लापरवाही बरती।
* औद्योगिक सुरक्षा के दावों के विपरीत धरातल पर निगरानी शून्य रही।

> “यह हादसा नहीं, बल्कि प्रबंधन की लापरवाही से की गई हत्या है। अगर समय रहते बांध की दीवारों को मजबूत किया जाता, तो आज एक मजदूर की जान जोखिम में न पड़ती।” – स्थानीय निवासी
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0 खतरे में जिंदगियां: कब जागेगा प्रशासन?

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर कोरबा के औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा प्रबंधों पर सवालिया निशान लगा दिया है। राखड़ डेम के फूटने की यह कोई पहली घटना नहीं है, लेकिन बार-बार होने वाले इन हादसों के बावजूद ठोस कार्रवाई न होना प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल, पूरे झाबू क्षेत्र में तनाव का माहौल है और पीड़ित परिवार के लिए न्याय व मुआवजे की मांग उठने लगी है।