TTN डेस्क
कुसमुंडा /कोरबा। क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के निर्माण में बरती जा रही लापरवाही अब आम जनता की जान पर भारी पड़ने लगी है। इसका सबसे ताजा और जीवंत उदाहरण आज गुरुवार की शाम को दीपका-कुचैना अंडरपास ब्रिज पर देखने को मिला। अंडरपास की डिजाइन में तकनीकी खामियों और जल निकासी (ड्रेनेज सिस्टम) की उचित व्यवस्था न होने के कारण, पहली ही तेज बारिश ने विभागीय दावों की पोल खोलकर रख दी है।
0 सड़क पर बहा ‘झरना’, तालाब में तब्दील हुआ अंडरपास
आज गुरुवार की शाम को हुई तेज बारिश के बाद दीपका-कुचैना अंडरपास का नजारा किसी पहाड़ी झरने जैसा हो गया। अंडरपास के ऊपरी हिस्से और दीवारों से पानी इस कदर नीचे गिरने लगा मानो कोई प्राकृतिक वॉटरफॉल बह रहा हो। देखते ही देखते सड़क के लेवल में अंतर होने के कारण अंडरपास के भीतर भारी जलजमाव हो गया और पूरा मार्ग एक गहरे तालाब में तब्दील हो गया।
0 जान जोखिम में डालने को मजबूर लोग, थमी रफ्तार
जलभराव के इस खौफनाक मंजर के बीच राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर आने-जाने को मजबूर दिखे।
जोखिम भरा सफर: पानी की तेज धार और गहरे भराव के बावजूद कुछ बाइक सवार अपनी जान की परवाह किए बिना अंडरपास को पार करते नजर आए।
बस चालकों की लापरवाही: इसी बीच यात्रियों से भरी एक सवारी बस भी इस डूबते हुए अंडरपास के बीच से गुजरी, जिससे एक बड़ा हादसा हो सकता था।
लगा लंबा जाम: स्थिति बिगड़ने पर दोनों तरफ वाहनों का पहिया पूरी तरह थम गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीर घंटों परेशान होते रहे।
0 तकनीकी खामी और प्रशासनिक उदासीनता का नतीजा
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस अंडरपास ब्रिज के निर्माण के समय से ही इसकी डिजाइन पर सवाल उठ रहे थे। सड़क के लेवल में भारी अंतर है, जिसके कारण आसपास का पूरा पानी इसी ढलान पर आकर जमा हो जाता है। बारिश के मौसम के लिए यहाँ जल निकासी की कोई ठोस और पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई है।
हर साल बारिश में यही स्थिति निर्मित होती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और निर्माण एजेंसी इस गंभीर तकनीकी खामी को सुधारने के बजाय किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। समय रहते यदि इस जलभराव और डिजाइन की त्रुटि को ठीक नहीं किया गया, तो यहाँ कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है।


