00 इतिहास गवाह है… चोर पैसे, गहने या गाड़ियां चुराते हैं। पर मध्य प्रदेश के शिवपुरी में जो हुआ, उसे सुनकर आप भी अपना सिर पकड़ लेंगे!
TTN डेस्क
शिवपुरी।यहाँ ऐतिहासिक नरवर किले में 25-30 हथियारबंद नकाबपोश डकैत घुसे और किसी फिल्म के सीन की तरह, पहरा दे रहे निहत्थे सुरक्षाकर्मियों को बंदूक की नोंक पर बंधक बनाया… और फिर जो हुआ वो होश उड़ाने वाला है! डकैत तिजोरी नहीं, बल्कि 16वीं शताब्दी की विशालकाय ऐतिहासिक तोप लोडिंग गाड़ियों में लादकर फरार हो गए!
0 सुरक्षा के नाम पर सिर्फ एक ‘डंडा’
हैरानी की बात तो यह है कि इतनी कीमती ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा के लिए वहाँ तैनात गार्ड्स के पास एक टॉर्च तक नहीं थी, सिर्फ एक डंडा था! डकैतों ने सीधे जान से मारने की धमकी दी और इतनी भारी-भरकम तोप लेकर रफूचक्कर हो गए।
0 12 दिन पहले आया था ‘ट्रेलर’
बदमाशों ने इस बड़ी वारदात का ट्रेलर 5 जुलाई को ही दिखा दिया था, जब उन्होंने तोप चुराने के लिए उसे नीचे गिराया था। पर वजन ज्यादा होने के कारण वे उस दिन कामयाब नहीं हो पाए। काश! प्रशासन ने उस ‘ट्रेलर’ से सबक लिया होता, तो आज यह ऐतिहासिक धरोहर चोरी न होती।
0 इंटरनेशनल मार्केट में करोड़ों की कीमत



खासियत: यह बेशकीमती तोप सिंधिया राजवंश के समय की है, जो पीतल, तांबे, कांसे और अष्टधातु के विशेष मिश्रण से बनी है। इस पर फारसी और देवनागरी लिपियां अंकित हैं।
अनुमानित कीमत: इंटरनेशनल ब्लैक मार्केट में इस अष्टधातु की तोप की कीमत ₹2 से ₹5 करोड़ तक आंकी जा रही है!
पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय एंटीक तस्कर गिरोह है। फिलहाल आसपास के सभी जिलों में नाकाबंदी कर दी गई है।


