

कोरबा। रजगामार चौकी क्षेत्र में हुई लोमहर्षक वारदात ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। सात वर्षीय मासूम बच्ची का अपहरण कर उसके साथ रेप किया गया और फिर उसकी जघन्य हत्या कर दी गई। गुरुवार की दोपहर शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच में तेजी बताते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस पूरी घटना ने पुलिस की कार्यशैली और जांच के दावों की पोल खोलकर रख दी है।
0 घर से चंद कदमों की दूरी पर हैवानियत और पुलिस ढूढ़ती रही जंगल
प्राप्त विवरण के अनुसार, मृतका 19 अक्टूबर 2026 को घर के पास स्थित किराने की दुकान पर सामान लेने गई थी और इसके बाद संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। परिजनों की शिकायत पर रजगामार चौकी में गुमशुदगी का मामला दर्ज कर तलाश करने की बात कही गई।
हैरानी की बात यह है कि बच्ची का घर, किराने की दुकान और जहाँ उसका शव जहां झाड़ियों में मिला—वह पूरी परिधि बमुश्किल एक किलोमीटर के दायरे की है। अगले दिन यानी 20 अक्टूबर को पुलिस कप्तान सिद्धार्थ तिवारी खुद चौकी पहुंचे और निर्देश दिए, लेकिन पुलिस मासूम को सुरक्षित नहीं खोज पाई। अंततः दुर्गंध आने पर परिजनों ने ही झाड़ियों से शव को ढूंढा।
0 डॉग स्क्वायड और तकनीकी साक्ष्यों से पकड़ाया दरिंदा
अंधे कत्ल की इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस ने डॉग स्क्वायड और तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली, जिसके बाद आरोपी का फोटो और पोस्टर सोशल मीडिया पर गुरुवार की शाम वायरल किया गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने बांगो थाना क्षेत्र के देवमती पारा निवासी आरोपी अजय उर्फ अमित चौहान को धर दबोचा। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
0 जनता का फूटा आक्रोश, चौकी का घेराव कर प्रदर्शन
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के ग्रामीणों और महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार सुबह ही आक्रोशित भीड़ ने रजगामार पुलिस चौकी का घेराव कर दिया और आरोपी को उनके हवाले करने की मांग के साथ जोरदार प्रदर्शन किया। स्थिति की नज़ाकत को भांपते हुए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
बहरहाल, इस हृदय विदारक कांड ने यह साबित कर दिया है कि कागजी दावे और बड़े अधिकारियों के दौरे सही जांच और सुरक्षित पतासाजी की गारंटी नहीं दे सकते। पुलिस को अपनी लचर कार्यशैली पर गंभीर आत्ममंथन करने की सख्त जरूरत है।


