TTN डेस्क
नई दिल्ली।नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ पिछले 20 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे देश के जाने-माने सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के आंदोलन को दबाने के लिए दिल्ली पुलिस ने शनिवार तड़के एक बड़ा कदम उठाया। पुलिस ने एक बेहद गोपनीय रणनीतिक कार्रवाई के तहत वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जिस तरह चादरों का घेरा बनाया, उसे अब ‘ऑपरेशन सफेद चादर’ कहा जा रहा है। वर्तमान में जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात है।
0 मोबाइल कैमरों से छिपाने के लिए तानी ‘सफेद चादर’
शनिवार तड़के जब पुलिस सोनम वांगचुक को धरना स्थल से उठाने पहुंची, तो सुरक्षाकर्मियों ने उनके चारों तरफ बड़ी-बड़ी सफेद चादरें तान दीं। इस घेराबंदी का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि वहां मौजूद किसी भी समर्थक या मीडियाकर्मी के मोबाइल कैमरे में वांगचुक की कोई झलक या वीडियो रिकॉर्ड न हो सके।
प्रशासन को डर था कि अगर सोशल मीडिया पर कोई वीडियो वायरल होता, तो इससे जन-आक्रोश भड़क सकता था। कॉन्क्रोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह अपने दोस्त के घर फ्रेश होने गए थे, और इसी बीच पुलिस ने पीछे से वांगचुक सर को जबरन उठा लिया।
0 पत्नी गीतांजलि की चेतावनी: “सहमति के बिना न दें कोई दवा”
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल शनिवार को 21वें दिन में प्रवेश कर गई है। सफदरजंग अस्पताल पहुंचीं उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने डॉक्टरों को सख्त हिदायत दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा:
”मैं दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हूँ, जहाँ सोनम वांगचुक को भर्ती कराया गया है। कृपया उन्हें मुँह के ज़रिए या नसों के माध्यम से कोई भी दवा या तरल पदार्थ तब तक न दिया जाए, जब तक मुझसे, उनके परिवार से और पिछले 20 दिनों से उनकी सेहत पर नज़र रख रहे डॉक्टरों से सहमति न ले ली जाए।”
0 पोटैशियम लेवल गिरने का दावा, परिजनों ने उठाए सवाल
गीतांजलि ने मीडिया से बातचीत में डॉक्टरों के हवाले से बताया कि सोनम के शरीर में पोटैशियम का स्तर 4.3 से गिरकर 2.9 हो गया है, जिससे उनकी जान को खतरा बताया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने इस अचानक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा:
बिना सूचना कार्रवाई: “सोनम वांगचुक को यहाँ लाने के बारे में न तो उन्हें बताया गया और न ही मुझे।”
पैरामीटर सामान्य थे: “कल शाम ही सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने उनकी जांच की थी और उनके सभी स्वास्थ्य संकेत सामान्य थे।”
0 “सोनम नहीं तो मैं करूँगी मार्च का नेतृत्व”



प्रशासन की इस कार्रवाई के बावजूद आंदोलनकारियों के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। गीतांजलि ने स्पष्ट कर दिया है कि सोमवार को होने वाला प्रस्तावित मार्च किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा, “अगर सोनम इस मार्च में शामिल नहीं हो पाएंगे, तो मैं उनकी जगह इसका नेतृत्व करूंगी। सिर्फ इसलिए कि सोनम को जबरदस्ती अस्पताल लाया गया है, इसका मतलब यह नहीं कि मार्च को रोका जा सकता है।” आंदोलन को लेकर समर्थकों में भारी आक्रोश है और इसके और बड़ा रूप लेने की संभावना है।

