00 भायखला पुलिस ने बरामद किए 14,900 घातक कैप्सूल; आरोपी 1 साल में 19 बार गया था ईरान-इराक, खंगाला जा रहा है कनेक्शन
TTN डेस्क
मुंबई/भायखला:मुंबई की भायखला पुलिस ने एक बेहद संवेदनशील और खौफनाक साजिश की आशंका को नाकाम करते हुए पुणे के एक कारोबारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस को अंदेशा है कि बरामद किए गए घातक जहरीले कैप्सूलों को आगामी मुहर्रम के जुलूस में बांटने या इस्तेमाल करने की तैयारी थी। आरोपी के पास से भारी मात्रा में खतरनाक केमिकल से भरे कैप्सूल मिले हैं, जिसके बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। पकड़े गए आरोपी की पहचान फैयाज प्रेमजी (निवासी: विमान नगर, पुणे) के रूप में हुई है, जो मुंबई के डोंगरी इलाके की एक डॉरमेट्री में रुका हुआ था।
0 14,900 कैप्सूल में ‘मौत का सामान’, BNS के तहत मामला दर्ज
पुलिस रेड के दौरान आरोपी के पास से 14,900 जहरीले कैप्सूल बरामद किए गए हैं। फॉरेंसिक और प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रत्येक कैप्सूल में करीब एक ग्राम जिंक फॉस्फाइड (एक बेहद जानलेवा जहर) मिलाया गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए भायखला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109, 110 और 123 (जहर देना और हत्या का प्रयास) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
0 क्या मुहर्रम जुलूस था निशाना?
पुलिस इस मुख्य बिंदु पर जांच कर रही है कि क्या इन 15 हजार कैप्सूलों को मुहर्रम के जुलूस के दौरान भीड़ में बांटने या प्रसाद/तबर्रुक के नाम पर खपाने की कोई बड़ी साजिश थी। शिया खोजा मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखने वाले आरोपी से इस संबंध में कड़ी पूछताछ की जा रही है।
0 विदेशी दौरों से गहराया शक: 1 साल में 19 बार की ईरान-इराक की यात्रा
जांच में आरोपी का जो ट्रैवल इतिहास (Travel History) सामने आया है, उसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। वर्ष 2019 से 2025 के बीच फैयाज कई बार खाड़ी देशों में गया, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले महज एक साल में ही उसने 19 बार ईरान और इराक की यात्रा की।
हालांकि, पूछताछ में यह भी सामने आया है कि उसकी बहन ईरान में फिजियोथेरेपिस्ट है और मां भी वहीं रहती हैं, जबकि उसकी पत्नी से तलाक हो चुका है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इन लगातार दौरों का असली मकसद क्या था।
0 साजिश के पीछे कौन? डिजिटल और फाइनेंशियल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
क्या आरोपी किसी विदेशी हैंडलर या कट्टरपंथी संगठन के प्रभाव में था? या वह अकेले ही किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था? इन सवालों के जवाब ढूंढने के लिए पुलिस की टीमें लगी हुई हैं।
0 अधिकारियों का बयान:




”फिलहाल किसी आतंकी संगठन से सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच जारी है। हम आरोपी के मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक खातों (वित्तीय लेनदेन) और उसके संपर्कों की गहन जांच कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस खतरनाक साजिश में उसके साथ और कौन-कौन शामिल है।”


