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बच गए : अहमदाबाद प्लेन क्रैश के 38 घंटे बाद एयर इंडिया का विमान टेकऑफ के बाद 900 फीट नीचे गिरा, बजने लगे थे अलार्म ,DGCA ने शुरू की जांच

TTN Desk

अहमदाबाद प्लेन क्रैश के महज 38 घंटे बाद 14 जून 2025 को, एयर इंडिया की फ्लाइट AI-187, जो दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वियना के लिए उड़ान भर रही थी, टेकऑफ के तुरंत बाद लगभग 900 फीट (लगभग 274 मीटर) नीचे गिर गई। यह घटना सुबह 2:56 बजे हुई, जब बोइंग 777 विमान ने उड़ान भरी थी। विमान में स्टिक शेकर और ग्राउंड प्रॉक्सिमिटी वार्निंग सिस्टम (GPWS) के “डॉन्ट सिंक” अलर्ट सहित कई महत्वपूर्ण चेतावनियां प्राप्त हुईं। स्टॉल वार्निंग एक बार और GPWS चेतावनी दो बार बजी। इसके बावजूद, पायलटों ने स्थिति को नियंत्रित किया और विमान 9 घंटे 8 मिनट की उड़ान के बाद वियना में सुरक्षित उतर गया।

0 अहमदाबाद हादसे के बाद बढ़ी चिंता

यह घटना अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए एक अन्य एयर इंडिया विमान (AI-171) के भयावह हादसे के मात्र 38 घंटे बाद हुई, जिसमें 242 में से 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित 274 लोगों की मौत हो गई थी। उस दुर्घटना में बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने के कुछ सेकंड बाद ही एक आवासीय क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस संदर्भ में, दिल्ली-वियना उड़ान की घटना ने एयर इंडिया की सुरक्षा और रखरखाव प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े किए हैं।

0 DGCA ने दिए जांच के आदेश, पायलट ड्यूटी से हटाए गए

भारत के नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने इस घटना को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच के आदेश दिए। दोनों पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया गया है, और DGCA यह जांच कर रहा है कि क्या यह घटना प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण हुई या विमान में कोई तकनीकी खराबी थी। प्रारंभिक रिपोर्टों में बताया गया कि उड़ान के बाद की रिपोर्ट में केवल “टेकऑफ के बाद अशांति के कारण स्टिक शेकर” का उल्लेख किया गया, जबकि स्टॉल और GPWS चेतावनियों जैसे अन्य महत्वपूर्ण अलर्ट को शामिल नहीं किया गया। यह चूक भी जांच का हिस्सा है।

0 बजने लगे थे चेतावनी के अलार्म

अधिकारियों के अनुसार, विमान में टेकऑफ के तुरंत बाद स्टिक शेकर और GPWS चेतावनियां सक्रिय हुईं, जो असामान्य ऊंचाई हानि और संभावित स्टॉल की स्थिति का संकेत देती हैं। कुछ रिपोर्टों में प्रतिकूल मौसम की स्थिति को इस घटना का कारण बताया गया है, लेकिन DGCA यह भी जांच कर रहा है कि क्या विमान में कोई सिस्टमिक समस्या थी। हाल ही में DGCA के एक सुरक्षा ऑडिट में एयर इंडिया के बेड़े में बार-बार होने वाली रखरखाव समस्याओं और अपर्याप्त दोष सुधार को चिह्नित किया गया था, जिसने इस घटना को और गंभीर बना दिया।

0 पायलटों की त्वरित कार्यवाही और सुरक्षित लैंडिंग

घटना के दौरान पायलटों ने त्वरित कार्रवाई की और विमान को नियंत्रित करने में सफल रहे। इसके परिणामस्वरूप, विमान सुरक्षित रूप से वियना पहुंच गया, और सभी 242 यात्रियों और चालक दल के सदस्य सुरक्षित रहे। हालांकि, पायलटों को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया गया है, और उनकी कार्रवाइयों की भी जांच की जा रही है। यह घटना एयर इंडिया की परिचालन प्रक्रियाओं और प्रशिक्षण प्रोटोकॉल पर सवाल उठाती है।

0 सोशल मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया

इस घटना ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी। X पर कई यूजर्स ने इसे अहमदाबाद हादसे से जोड़ा और एयर इंडिया की सुरक्षा प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए। कुछ ने इसे तकनीकी खराबी बताया, जबकि अन्य ने मौसम की स्थिति को जिम्मेदार ठहराया।मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि विमान में चेतावनी अलार्म बजे थे, जिसने यात्रियों और चालक दल में दहशत पैदा की थी