

TTN डेस्क
रायपुर, 15 अप्रैल 2026: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बैठक हुई। यह नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली कैबिनेट बैठक थी। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनकी जानकारी उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दी। डिप्टी सीएम विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी और महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े इस बैठक में अनुपस्थित रहे।
0 यूनिफाइड सिविल कोड (UCC) के लिए समिति गठन
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ में Uniform Civil Code (UCC) लागू करने हेतु प्रारूप तैयार करने के लिए एक समिति गठित करने का फैसला लिया। इस समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। मुख्यमंत्री को समिति के अन्य सदस्यों के मनोनयन का अधिकार दिया गया।
वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण, भरण-पोषण आदि मामलों में विभिन्न धर्मों के अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू हैं, जिससे न्याय प्रक्रिया जटिल हो जाती है। संविधान के अनुच्छेद 44 के अनुरूप UCC लागू करने से कानून सरल, एकरूप और न्यायसंगत बनेगा तथा धार्मिक-लैंगिक समानता बढ़ेगी।
समिति नागरिकों, संगठनों और विशेषज्ञों से सुझाव लेगी तथा वेब पोर्टल के माध्यम से फीडबैक आमंत्रित कर सकेगी। समिति की सिफारिशों पर प्रारूप तैयार कर मंत्रिपरिषद से अनुमोदन के बाद इसे विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।
0 महिलाओं के नाम पर भूमि रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50% की कमी
महिला सशक्तीकरण के उद्देश्य से महिलाओं के नाम पर भूमि रजिस्ट्रेशन पर लगने वाले शुल्क में 50 प्रतिशत की कमी कर दी गई है। इससे महिलाओं को संपत्ति अर्जन में प्रोत्साहन मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सरकार को इस फैसले से लगभग 153 करोड़ रुपये के राजस्व की कमी का अनुमान है।
0 सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और विधवाओं को स्टाम्प शुल्क में 25% छूट
सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों तथा उनकी विधवाओं को राज्य के भीतर 25 लाख रुपये तक की संपत्ति (भूमि/भवन) खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह छूट जीवनकाल में केवल एक बार मिलेगी। देश की सेवा में लगे सैनिकों के लगातार स्थानांतरण को देखते हुए यह फैसला उन्हें स्थायी निवास बनाने में आर्थिक राहत प्रदान करेगा।
0 छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन
कैबिनेट ने **छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015** में संशोधन को मंजूरी दी। मुख्य बिंदु:
– सेवा क्षेत्र को भूमि आवंटन के लिए स्पष्ट वैधानिक पात्रता।
– भूमि आवंटन की न्यूनतम-अधिकतम सीमा में तार्किक सामंजस्य।
– लैंड बैंक भूखंडों के लिए एप्रोच रोड का प्रावधान।
– NBFC सहित वित्तीय संस्थाओं को शामिल कर ऋण उपलब्धता बढ़ाना।
– कंपनियों में शेयरधारिता परिवर्तन पर स्पष्टता।
– PPP मॉडल के लिए प्रावधान से निजी निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा।
यह संशोधन **Ease of Doing Business** को और बेहतर बनाएगा।
0 गौण खनिज साधारण रेत नियम, 2025 में संशोधन
**छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025** में संशोधन को अनुमोदन मिला। अब केंद्र या राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रम (जैसे छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) को रेत खदानें आरक्षित की जा सकेंगी। इससे पट्टेदारों के एकाधिकार से रेत आपूर्ति संकट कम होगा और दुर्गम क्षेत्रों में भी रेत की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
0 छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 में व्यापक संशोधन
खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, नियंत्रण, राजस्व वृद्धि और अवैध खनन रोकने के लिए **गौण खनिज नियम, 2015** में व्यापक संशोधन को मंजूरी दी गई। मुख्य प्रावधान:
– बंद या शिथिल खदानों में कठोर कार्रवाई।
– 30 वर्ष बाद भाटक दर में वृद्धि।
– अवैध उत्खनन/परिवहन/भंडारण पर न्यूनतम 25 हजार से 5 लाख रुपये तक जुर्माना।
– रॉयल्टी चुकता प्रमाण पत्र को एकसमान लागू करना।
– Ease of Doing Business को बढ़ावा।
0 दुधारू पशु प्रदाय योजना में संशोधन
**दुधारू पशु प्रदाय संबंधी पायलट प्रोजेक्ट योजना** में संशोधन कर सभी सामाजिक वर्गों (अनुसूचित जनजाति सहित) के हितग्राहियों को लाभान्वित करने का फैसला लिया गया। साथ ही NDDB के साथ MoU में भी संशोधन को अनुमोदन मिला। इससे स्वरोजगार बढ़ेगा और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी।
0 पशुओं के टीकाद्रव्य की खरीदी की अनुमति
National Dairy Development Board (NDDB) की सब्सिडरी **Indian Immunologicals Limited, हैदराबाद** से पशुओं के टीके खरीदने की अनुमति दी गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनवरी 2027 तक आवश्यक टीकाद्रव्य क्रय किए जाएंगे। इससे पशुओं में रोग नियंत्रण, मृत्यु दर में कमी और दुग्ध-मांस उत्पादन बढ़ेगा।
0मध्यप्रदेश के साथ पेंशन प्रभाजन में सहमति
मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 के तहत छत्तीसगढ़ द्वारा किए गए **10,536 करोड़ रुपये** के आधिक्य पेंशन भुगतान की वापसी पर सहमति बनी। मध्यप्रदेश 2025-26 में 2,000 करोड़ रुपये देगा और शेष राशि बाद में चुकाई जाएगी।
ये फैसले महिला सशक्तीकरण, सैनिक कल्याण, औद्योगिक विकास, खनन सुधार, पशुपालन और कानूनी एकरूपता की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि ये निर्णय राज्य के समग्र विकास और नागरिक सुविधा को मजबूत करेंगे।


