00 बिना वैकल्पिक व्यवस्था और सामान निकालने का मौका दिए ध्वस्तीकरण, मलबे में दबीं दवाइयां व दस्तावेज; बीजेपी विधायक प्रेमचंद पटेल ने एसईसीएल कार्यालय में तालाबंदी की दी चेतावनी
TTN डेस्क
हरदीबाजार/दीपका (कोरबा)। विश्वकर्मा जयंती,गणेश उत्सव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस की खुशियों की खुमारी थी कि शुक्रवार तड़के 5:00 बजे हरदीबाजार में बुलडोजर और जेसीबी की गड़गड़ाहट ने स्थानीय निवासियों को हतप्रभ कर दिया। एसईसीएल दीपका क्षेत्र की कोयला खदान विस्तार के तहत जमीन अधिग्रहण के लिए जिला प्रशासन, पुलिस बल और सीआईएसएफ (CISF) की भारी मौजूदगी में प्रशासनिक टीम ने तड़के धावा बोल दिया। कार्रवाई के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), हॉस्टल भवन, पटवारी कार्यालय, आरआई भवन, आंगनवाड़ी केंद्र और स्टाफ क्वार्टर जैसी महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों को जमींदोज कर दिया गया।
0 मलबे में दबे दस्तावेज और दवाइयां, बिना इलाज लौटे मरीज
विभागीय कर्मचारियों और ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भवनों से जरूरी सामान हटाने तक का वक्त नहीं दिया गया। जल्दबाजी में की गई तोड़फोड़ से अस्पताल की दवाइयां, आंगनवाड़ी की सामग्रियां और पटवारी कार्यालय के महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज मलबे के नीचे दबकर नष्ट हो गए। सुबह जब रोजाना की तरह मरीज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, तो अस्पताल को ढहता देख स्तब्ध रह गए और उन्हें बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ा। आवश्यक सुविधाओं के अचानक ध्वस्त होने से हरदीबाजार सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में गहरा आक्रोश फैल गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
0 मुआवजा, रोजगार, जल संकट और सुरक्षा को लेकर गहरा असंतोष
प्रशासनिक कार्रवाई से व्यथित ग्रामीणों व प्रभावित किसानों का कहना है कि एसईसीएल और प्रशासन की प्राथमिकता केवल खदान विस्तार तक सीमित है, जबकि प्रभावितों के मूलभूत अधिकारों की उपेक्षा की जा रही है। ग्रामीणों ने प्रमुख समस्याएं रेखांकित कीं:
मुआवजा व रोजगार में विसंगति: भू-स्वामियों को तय नीति के तहत मुआवजा और पात्र युवाओं को रोजगार देने में भारी अनियमितता बरती जा रही है।
पुनर्वास स्थल की बदहाली: प्रस्तावित बसाहट स्थलों पर विकास कार्य अत्यंत दयनीय व अधूरे हैं।
गंभीर जल संकट: खदान की दूरी हरदीबाजार से महज 30 मीटर रह जाने के कारण जलस्तर तेजी से गिरा है। कुएं, बोरवेल और हैंडपंप पूरी तरह सूख चुके हैं, जिससे लोगों को दैनिक कार्यों के लिए भी पानी नसीब नहीं हो रहा।
हैवी ब्लास्टिंग का खतरा: खदान के अत्यधिक नजदीक होने से रोजाना हो रही हैवी ब्लास्टिंग से मकानों में दरारें आ रही हैं और प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है।
0 स्थानीय बीजेपी विधायक प्रेमचंद पटेल पहुंचे मौके पर, जताई कड़ी नाराजगी
तनाव और जनविरोध की सूचना मिलते ही कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने एसडीएम, तहसीलदार तथा एसईसीएल के अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए बिना पूर्व सूचना व बिना वैकल्पिक व्यवस्था के की गई इस दमनकारी कार्रवाई पर सख्त आपत्ति जताई। विधायक ने कहा कि हरदीबाजार में अस्पताल, पटवारी कार्यालय व स्टाफ क्वार्टर को ध्वस्त करने से जनता बेहाल है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक प्रभावितों की मांगों का समाधान और वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होती, एसईसीएल के प्रशासनिक भवन के गेट पर तालाबंदी की जाएगी।
0 “किसानों के सीने पर चढ़कर विकास मंजूर नहीं”


हरदीबाजार ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि देश हित में कोयला और ऊर्जा आपूर्ति आवश्यक है, लेकिन स्थानीय किसानों और ग्रामीणों के भविष्य को रौंदकर किया जाने वाला विकास किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि जब तक मुआवजा विसंगति, रोजगार, व्यवस्थित बसाहट और पेयजल का स्थायी प्रबंध नहीं होता, तब तक एकतरफा कार्रवाई का पुरजोर विरोध जारी रहेगा।


