TTN डेस्क
कोरबा/कुसमुंडा।
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की कुसमुंडा कोयला खदान में सोमवार की रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। खदान के भीतर किसी निजी कंपनी के भारी वाहन की चपेट में आने से एक श्रमिक की मौत हो गई। मृतक की पहचान प्रेमसिंह धुर्वे के रूप में हुई है, जो कबीरधाम (पंडरिया) जिले के बिछिया गांव का रहने वाला था। इस गंभीर हादसे के बाद भी खदान प्रबंधन और स्थानीय पुलिस की ओर से मामले में चुप्पी साध ली गई है, जिससे घटना को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
0 तड़पता रहा श्रमिक, तोड़ा दम
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार रात खदान के भीतर काम के दौरान किसी निजी ठेका कंपनी के वाहन ने प्रेमसिंह को बुरी तरह कुचल दिया। हादसे के बाद श्रमिक काफी देर तक जीवित था और दर्द से तड़प रहा था। उसे आनन-फानन में कोरबा के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मंगलवार की शाम शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मर्च्युरी (शव गृह) में रखवा दिया गया है।
0 हादसे को दबाने का प्रयास? फोटो-वीडियो बनाने से रोकने की कोशिश
घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद मामले को दबाने की कोशिशें शुरू हो गई थीं। मौके पर मौजूद अन्य कर्मियों और प्रत्यक्षदर्शियों को मोबाइल से फोटो या वीडियो बनाने से सख्ती से रोक दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी औद्योगिक दुर्घटना होने के बावजूद कुसमुंडा पुलिस से मीडिया को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। वहीं एसईसीएल प्रबंधन ने भी इस पर पूरी तरह मौन धारण कर रखा है।
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परिजनों के आने पर आज होगा पोस्टमार्टम
अस्पताल पुलिस चौकी के मुताबिक, मृतक श्रमिक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। उनके गृह ग्राम से कोरबा पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। परिजनों के आने के बाद बुधवार की सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
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इन सवालों के जवाब बाकी:
इस हादसे ने एक बार फिर खदान के भीतर सुरक्षा इंतजामों और भारी वाहनों की अंधाधुंध आवाजाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मृतक श्रमिक एसईसीएल के अंतर्गत किस निजी ठेका कंपनी में नियोजित था और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते यह हादसा कैसे हुआ? मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।


