
TTN डेस्क
नई दिल्ली। सीबीएसई (CBSE) के डिजिटल इवैल्यूएशन (On-Screen Marking System) को लेकर खड़े हुए विवादों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक हाई-लेवल मीटिंग कर कड़े निर्देश जारी किए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों के बाद शिक्षा मंत्री ने खुलकर अपनी बात रखी है।
📌 मुख्य बातें और बड़े फैसले
मंत्री ने ली जिम्मेदारी: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “यह पहली बार था जब CBSE ने इतने बड़े स्तर पर यह सिस्टम लागू किया। माना कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं। मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूँ। इन्हें ठीक किया जाएगा और समाधान निकाला जाएगा।”
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई: बैठक में साफ किया गया कि भविष्य में कोई गड़बड़ी न हो, यह सुनिश्चित किया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा।
अधिकारियों को कड़े निर्देश: * सीबीएसई पोर्टल की स्थिरता, सर्वर क्षमता और पेमेंट सिस्टम की तकनीकी समीक्षा की जाए।
डिजिटल इवैल्यूएशन और मॉनिटरिंग व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाए।
छात्रों की समस्याओं का समय पर और पारदर्शी तरीके से समाधान हो।
परीक्षा और पोस्ट-रिजल्ट सर्विस को ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट फ्रेंडली बनाया जाए।
📊 इस साल का बड़ा आंकड़ा:
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस साल लगभग 18 लाख छात्रों ने क्लास 12वीं की परीक्षा दी। इसके तहत करीब 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं और लगभग 40 करोड़ स्कैन पेज प्रोसेस किए गए।
🔍 राहुल गांधी ने उठाए थे सवाल:
27 मई को राहुल गांधी ने सीबीएसई एग्जाम के डिजिटल इवैल्यूएशन का कॉन्ट्रैक्ट ‘Coempt Edutech’ के पास होने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कंपनी का पुराना नाम ‘Globarena’ था, जिसका रिकॉर्ड विवादों से जुड़ा रहा है। उन्होंने इस मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच और SIT गठन की मांग की है।
वहीँ दूसरी ओर, CBSE का कहना है कि उनका ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत है, जिसका बकायदा सिक्योरिटी ऑडिट भी कराया गया है।


