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ट्रंप का कड़ा फैसला: होर्मुज जलडमरूमध्य की घेराबंदी के आदेश, ईरान के साथ युद्ध की आहट


00 दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग पर बढ़ा तनाव, अमेरिका ने कहा- ईरान की मनमानी अब बर्दाश्त नहीं

TTN डेस्क

वाशिंगटन।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया फैसले ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है। पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता के बेनतीजा खत्म होने के तुरंत बाद ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने अमेरिकी नौसेना (यूएस नेवी) को आदेश दिया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) की घेराबंदी शुरू करे।

0 ईरान की ‘जबरन वसूली’ पर प्रहार

राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी नौसेना अंतरराष्ट्रीय जल सीमा में उन सभी जहाजों को रोकेगी जिन्होंने ईरान को ‘टोल’ या टैक्स दिया है। ट्रंप ने इसे ‘वर्ल्ड एक्सटोर्शन’ यानी दुनिया से की जा रही अवैध वसूली करार दिया है। गौरतलब है कि पिछले कुछ हफ्तों से ईरान ने इस समुद्री मार्ग में माइन्स बिछाकर और जहाजों को धमकाकर इसे लगभग बंद कर रखा था, जिससे दुनिया भर में तेल की आपूर्ति बाधित हो रही थी।

0 ग्लोबल इकोनॉमी पर संकट के बादल

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के कुल तेल और गैस व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है। अमेरिका के इस ताजा कदम और ईरान के अड़ियल रुख के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है। इसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ेगा।

0 स्थानीय उद्योगों पर क्या होगा असर?

जानकारों का मानना है कि यदि यह तनाव लंबा खिंचता है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ-साथ कोरबा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में भी उत्पादन लागत बढ़ सकती है। माल ढुलाई महंगी होने से आम जनता की जेब पर बोझ बढ़ना तय माना जा रहा है।

0 पूर्ण युद्ध की आशंका

स्थिति इस समय बेहद नाजुक बनी हुई है। अमेरिका और इजराइल पहले ही ईरान की कई नौसैनिक नौकाओं को नष्ट कर चुके हैं। अब अमेरिकी नौसेना समुद्र से माइन्स हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर रही है। दूसरी ओर, ईरान ने भी अमेरिकी जहाजों को गंभीर चेतावनी दी है। यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं रहे, तो खाड़ी क्षेत्र में एक बड़े युद्ध की शुरुआत हो सकती है।