00 आदेश की अवहेलना पर जस्टिस अमानुल्लाह और जस्टिस महादेवन की बेंच सख्त,शुक्रवार को पेश होने का फरमान
कोरबा/नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सख्त नाराजगी जाहिर की है। अदालत के स्पष्ट आदेश के बावजूद बलात्कार (रेप) के एक आरोपी को कोर्ट में पेश न करने पर सर्वोच्च न्यायालय ने इसे “स्पष्ट और जानबूझकर किया गया उल्लंघन” करार दिया है। इस मामले में जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने कोरबा के पुलिस अधीक्षक (SP) को व्यक्तिगत रूप से पेश होने और कारण बताओ नोटिस का जवाब देने का आदेश दिया है।
0 क्या है पूरा मामला?
यह विवाद एक आपराधिक मामले (रेप केस) से जुड़ा है, जिसमें आरोपी को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बरी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि प्रतिवादी नंबर-2 (आरोपी) को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश किया जाए।
0 सुनवाई के दौरान क्या हुआ?
अदालत ने 23 मार्च 2026 को आदेश दिया था कि 15 अप्रैल की सुनवाई में प्रतिवादी को पेश किया जाए। हालांकि, 20 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान जब आरोपी कोर्ट में मौजूद नहीं मिला, तो बेंच का पारा चढ़ गया।
राज्य की दलील: सरकारी वकील ने तर्क दिया कि प्रतिवादी को 15 अप्रैल को पेश किया गया था और 20 अप्रैल के लिए छूट मांगी गई थी।
0 कोर्ट का रुख
खंडपीठ ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि राज्य का रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना है और यह शीर्ष अदालत के आदेशों की खुली अवहेलना है।
0 एसपी कोरबा को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश
कोर्ट ने कोरबा एसपी को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया है कि वे 24 अप्रैल (शुक्रवार) को व्यक्तिगत रूप से अदालत के समक्ष उपस्थित हों। उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि आखिर किन परिस्थितियों में कोर्ट के आदेश का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया और उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।
“राज्य का यह रवैया गंभीर है। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का जानबूझकर किया गया उल्लंघन है।”
— सुप्रीम कोर्ट की मौखिक टिप्पणी
0 शुक्रवार को होगी अगली सुनवाई

कल होने वाली सुनवाई में कोरबा एसपी को न केवल खुद हाजिर होना होगा, बल्कि बलात्कार मामले के उस आरोपी (प्रतिवादी नंबर-2) की उपस्थिति भी सुनिश्चित करनी होगी। स्थानीय गलियारों में इस नोटिस के बाद हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि मामला सीधे तौर पर पुलिस प्रशासन की साख से जुड़ गया है।











