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वेदांता हादसा: एक्शन मोड में मंत्री लखनलाल देवांगन, दोषियों पर तत्काल FIR और लेबर कोर्ट में केस दर्ज करने के निर्देश


00 सिंघीतराई घटनास्थल का लिया जायजा; अधिकारियों को दो टूक- “बख्शे नहीं जाएंगे जिम्मेदार, हर तकनीकी पहलू की हो जांच”

TTN डेस्क

सक्ती/सिंघीतराई। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री *लखनलाल देवांगन* ने सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण औद्योगिक हादसे के बाद आज गुरुवार को सीधे ग्राउंड जीरो पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया। मंत्री ने जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और हादसे के कारणों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार पीड़ित श्रमिकों के साथ है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

0 मैदान में उतरे मंत्री, प्रबंधन के साथ की तल्ख समीक्षा

मंत्री लखनलाल देवांगन ने घटनास्थल के निरीक्षण के बाद जिला प्रशासन और वेदांता प्रबंधन के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में उन्होंने घटना की क्रोनोलॉजी और तकनीकी विफलताओं पर जवाब-तलबी की। औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा, श्रम और उद्योग विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में उन्होंने प्रबंधन की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जाहिर की।

0 FIR और कानूनी कार्यवाही के कड़े निर्देश

हादसे की गंभीरता को देखते हुए मंत्री ने अधिकारियों को तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं:
* तत्काल FIR: मंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और प्रबंधन के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।

* श्रम अधिनियम के तहत केस: श्रम विभाग को निर्देशित किया गया कि वे श्रम कानूनों के उल्लंघन के आधार पर कंपनी पर तत्काल केस दर्ज करें।
* तकनीकी जांच: विशेषज्ञों की टीम को निर्देश दिए गए हैं कि वे बॉयलर फटने के हर तकनीकी पहलू और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गहराई से जांच करें।

0 “पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है सरकार”

निरीक्षण के दौरान मंत्री देवांगन ने दोहराया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार श्रमिकों के हितों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने कहा:
> “यह एक हृदय विदारक घटना है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रभावित परिवारों को न्याय मिले। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो, उसके खिलाफ कठोरतम कार्यवाही की जाएगी।”
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0 अधिकारी रहे मुस्तैद

निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा विभाग और श्रम विभाग के आला अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रभावित परिवारों को मिल रही सहायता राशि और अन्य लाभों की प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी न होने दें।