00 शराब और रसूख के नशे में चूर बिलासपुर का ठेकेदार; पुलिस की सख्ती को ठेंगा दिखा देर रात तक गुलजार था ONC बार
TTN डेस्क
कोरबा। शहर में रसूखदारों और रईसजादों के लिए कानून का डर जैसे पूरी तरह खत्म हो चुका है। 6 जुलाई की रात करीब 1 बजे टीपी नगर स्थित
00 शहर में लहूलुहान कानून व्यवस्था: चंद दिनों में ‘वाहन से कुचलने’ की एक के बाद एक सनक
यह पहली घटना नहीं है, बल्कि कोरबा में नशेड़ी और रसूखदार की खूनी सनक का यह तीसरा खौफनाक ट्रेलर है। अभी कुछ ही दिन पहले शहर ने दो रूह कंपा देने वाली हत्याएं देखी हैं:
थार से कुचला एएसआई का इकलौता लाल: नशे की धुत गाड़ी ने एक पुलिस एएसआई के इकलौते बेटे को बेरहमी से कुचल कर मौत के घाट उतार दिया।
बर्थडे पार्टी के विवाद में कैंपर से मर्डर: जन्मदिन की पार्टी में हुए मामूली विवाद के बाद एक सनकी युवक ने कैंपर वाहन से कुचलकर अपने ही परिचित युवा ट्रांसपोर्टर की जान ले ली।
इन दो जघन्य हत्याओं के बाद भी पुलिस का खौफ शून्य है। तभी तो ओएनसी (ONC) बार तमाम चेतावनियों के बाद भी रात १ बजे के बाद तक खुला रहता है, जहां रमन जैसे लोग नशे के साथ रसूख का ओवरडोज’ लेकर सड़कों पर निकलते हैं।
0 पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल: मोहरे पर एक्शन, असली गुनहगार क्यों सेफ?
मामले में सीएसईबी चौकी प्रभारी एसआई राजेश तिवारी ने सुरक्षा सुपरवाइजर की शिकायत पर आनन-फानन में गाड़ी जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया। चालक पर BNS की धारा २८१ और एमवी एक्ट १८४ के तहत केस दर्ज कर मेडिकल कराया गया है। लेकिन सबसे बड़ा और तीखा सवाल यह है कि आदेश देने वाले असली गुनहगार (गाड़ी मालिक ठेकेदार) पर पुलिस मेहरबान क्यों है?


