00 वर्ष 2021 और 2022 की सीमित भर्ती परीक्षा में हुई धांधली का खुलासा, राज्य कर आयुक्त ने जारी किया आदेश
00 पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर की थी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने और फर्जी पदोन्नति रद्द करने की मांग
// मनोज यू शर्मा//
रायपुर/कोरबा। छत्तीसगढ़ के वाणिज्यिक कर (GST) विभाग में सीमित भर्ती परीक्षा के जरिए लिपिक से ‘वाणिज्यिक कर निरीक्षक’ बने 42 अधिकारियों-कर्मचारियों का चयन निरस्त कर दिया गया है। राज्य कर आयुक्त पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने जांच रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा व चयन प्रक्रिया को रद्द करते हुए सभी 42 कर्मचारियों को उनके मूल लिपिक पद और पुरानी पदस्थापना पर वापस भेजने का आदेश जारी कर दिया है।
0 पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने पीएम को लिखा था पत्र
इस मामले की गड़बड़ियों को लेकर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। उन्होंने पत्र के माध्यम से परीक्षा व पदोन्नति प्रक्रिया में हुई व्यापक धांधली की शिकायत करते हुए पूरे मामले की किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने तथा नियमों को दरकिनार कर दी गई पदोन्नति व नियुक्तियों को तत्काल रद्द करने की पुरजोर मांग की थी।
0 जांच में सामने आईं चौंकाने वाली गड़बड़ियां
विभाग द्वारा कराई गई जांच में परीक्षा की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं:
एक जैसे जवाब व मॉडल आंसर से समानता: कई अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाओं में सवाल-जवाब एक समान पाए गए। गणित के प्रश्नों में बिना रफ वर्क किए सीधे उत्तर लिखे मिले और निबंध के जवाब भी हूबहू एक जैसे पाए गए।
उपस्थिति पंजी गायब: परीक्षा केंद्र की उपस्थिति पंजी ही गायब मिली, जिससे यह साबित करना असंभव हो गया कि कौन-कौन परीक्षा में शामिल हुआ था।
पुनर्मूल्यांकन में बढ़ाए गए अंक: अभ्यर्थियों की पहचान छुपाने के लिए कॉपियों में कोडिंग व्यवस्था लागू नहीं थी। उत्तर-पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के नाम पर कुछ अभ्यर्थियों के नंबर बढ़ाकर उन्हें चयन सूची में शामिल किया गया।
आरक्षण नियमों का उल्लंघन: परीक्षा से पहले पदों का आरक्षण रोस्टर के हिसाब से वर्गवार बंटवारा नहीं किया गया, जिससे पात्र कर्मचारियों को समान अवसर नहीं मिल सका।
0 चयन समिति पर भी उठे सवाल




जांच में खुलासा हुआ कि वर्ष 2021-22 में आयोजित इस परीक्षा की चयन समिति में तत्कालीन अपर आयुक्त कल्पना तिवारी, तत्कालीन संयुक्त आयुक्त व वर्तमान अपर आयुक्त टी.आर. ध्रुवे तथा सहायक आयुक्त रौशन सिंह शामिल थे। उस समय विभाग के आयुक्त समीर विश्नोई थे। जांच रिपोर्ट के बाद विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए पदोन्नति निरस्त कर सभी कर्मचारियों को मूल पद पर डिमोट कर दिया है।

