TTN डेस्क
कुन्नम्बट्टा (वायनाड)। साल 2024 की वह काली रात कोई नहीं भूल सकता जब मुंडक्कई और चूरलमाला में आए विनाशकारी भूस्खलन ने सैकड़ों परिवारों का सब कुछ छीन लिया था। लेकिन आज, मलबे के बीच से उम्मीद की एक नई किरण फूटी है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज कुन्नम्बट्टा में उन परिवारों के लिए नए घरों की आधारशिला रखी, जिन्होंने उस त्रासदी में अपने घर और प्रियजनों को खो दिया था।
0 भाई-बहन की एकजुटता: प्रियंका गांधी की उपस्थिति
इस बेहद खास मौके पर वायनाड की नवनिर्वाचित सांसद प्रियंका गांधी भी अपने भाई के साथ मौजूद रहीं। दोनों नेताओं ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें विश्वास दिलाया कि इस कठिन समय में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
0 “यह सिर्फ ईंट-पत्थर के मकान नहीं, सम्मान की बहाली है”
आधारशिला रखने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने बेहद भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा:
> “ये घर केवल इमारतों का पुनर्निर्माण नहीं हैं, बल्कि हर परिवार के लिए सुरक्षा, गरिमा और अपनेपन की भावना को बहाल करने की एक कोशिश है। जैसे-जैसे वायनाड फिर से खड़ा हो रहा है, हम यहाँ के लोगों के साथ पूरी प्रतिबद्धता और बेहतर भविष्य की आशा के साथ खड़े हैं।”
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0 पुनर्वास योजना की मुख्य बातें:
* सुरक्षित स्थान: कुन्नम्बट्टा में इन घरों का निर्माण अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं का डर न रहे।
* सामुदायिक सहयोग: राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने स्पष्ट किया कि यह केवल घर देना नहीं, बल्कि एक सुरक्षित समाज का निर्माण करना है।
* निरंतर समर्थन: वायनाड के लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी दोहराते हुए दोनों नेताओं ने पुनर्वास कार्यों की गति तेज करने का वादा किया।
0 एक नई शुरुआत की ओर
मुंडक्कई-चूरलमाला की त्रासदी के बाद वायनाड की जनता गहरे सदमे में थी। आज की यह पहल न केवल उन्हें छत मुहैया कराएगी, बल्कि उनके भीतर यह विश्वास भी जगाएगी कि वे अकेले नहीं हैं। राहुल और प्रियंका गांधी का एक साथ जमीन पर उतरना वायनाड के प्रति उनके विशेष लगाव को भी दर्शाता है।







