Home देश “आपकी ED सारी हदें पार कर रही है”: सुप्रीम कोर्ट की सख्त...

“आपकी ED सारी हदें पार कर रही है”: सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, TASMAC मामले में जांच पर रोक

TTN Desk

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि “आपकी ईडी सारी हदें पार कर रही है” और “देश के संघीय ढांचे का पूरी तरह उल्लंघन कर रही है”। यह टिप्पणी तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (TASMAC) मुख्यालय पर ईडी द्वारा की गई छापेमारी और जांच से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान की गई। सुप्रीम कोर्ट ने TASMAC के खिलाफ ईडी की जांच और छापेमारी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

O तमिलनाडु सरकार की याचिका पर सुनवाई: TASMAC मुख्यालय पर ED का छापा

मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ तमिलनाडु सरकार और TASMAC द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इन याचिकाओं में मद्रास उच्च न्यायालय के उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें TASMAC मुख्यालय पर ईडी द्वारा की गई तलाशी के खिलाफ उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया था। ईडी ने TASMAC पर कथित मनी लॉन्ड्रिंग और शराब दुकान के लाइसेंस बांटने में भ्रष्टाचार के आरोप में 2025 में छापा मारा था।

O सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार: संघीय ढांचे का उल्लंघन

सुनवाई के दौरान, जब ईडी की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने अपनी दलीलें पेश कीं, तो मुख्य न्यायाधीश गवई ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “आपका ईडी सभी सीमाएं पार कर रहा है। आप देश के संघीय ढांचे का पूरी तरह उल्लंघन कर रहे हैं।” खंडपीठ ने आश्चर्य व्यक्त किया कि एक राज्य सरकार के निगम पर ऐसे छापे कैसे मारे जा सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि ईडी का यह कदम देश के संघीय सिद्धांत (राज्यों और केंद्र के बीच शक्तियों का बंटवारा) के खिलाफ है।

O फोन जब्त करने और क्लोन बनाने पर भी आपत्ति

याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी दलील दी गई कि ईडी ने TASMAC मुख्यालय पर छापेमारी के दौरान सभी फोन जब्त कर लिए और उन्हें क्लोन किया। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने पूछा, “आप ऐसे में व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर सकते हैं, लेकिन निगमों के खिलाफ नहीं?” यह टिप्पणी ईडी की जांच के दायरे और उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है।
ईडी की कार्यप्रणाली पर उठते सवाल
सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ईडी की कार्रवाई को लेकर देश भर में कई सवाल उठ रहे हैं, खासकर गैर-बीजेपी शासित राज्यों में। कई विपक्षी दल ईडी पर केंद्र सरकार के राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल होने का आरोप लगाते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की यह सख्त टिप्पणी ईडी को अपनी कार्यप्रणाली की समीक्षा करने के लिए मजबूर कर सकती है।

Oआगे की कार्यवाही और प्रभाव

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी किया है और कहा है कि छुट्टी के बाद इस पर आगे सुनवाई की जाएगी। फिलहाल, TASMAC के खिलाफ ईडी की जांच और छापेमारी पर रोक लगा दी गई है। इस फैसले से ईडी की भविष्य की कार्यप्रणाली पर निश्चित रूप से असर पड़ेगा और यह केंद्र-राज्य संबंधों में संघीय संतुलन को बनाए रखने के महत्व को रेखांकित करता है।