शिव बारात में झूम उठे भक्त, ‘भूत-प्रेत’ और ‘नारद’ संग नगर में निकली भव्य झांकी

00 कपिलेश्वर मंदिर में शिव-पार्वती विवाह महोत्सव: हनुमान दास महाराज ने सुनाया त्रिदेवों की उत्पत्ति का प्रसंग

TTN डेस्क

कोरबा। पंडित रविशंकर शुक्ल नगर स्थित कपिलेश्वर मंदिर के प्रांगण में चल रही शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बैंड-बाजे और पटाखों की गूंज के साथ भगवान शिव की भव्य बारात निकाली गई, जिसमें भूत-प्रेत, ऋषि-मुनि और देवगणों के वेश में सजे कलाकारों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

0 सदाशिव से हुई त्रिदेवों की उत्पत्ति

कथा व्यास हनुमान दास जी महाराज ने शिव महापुराण के प्रसंगों का वर्णन करते हुए बताया कि शिव महापुराण के अनुसार सदाशिव और प्रकृति (दुर्गा) ही त्रिदेवों के माता-पिता हैं। ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने सदाशिव की इच्छा से ही जन्म लिया और क्रमशः रज, सत एवं तम गुणों के प्रतिनिधि बने। उन्होंने कामदेव, संध्या और पितरों की उत्पत्ति की कथा भी विस्तार से सुनाई।

0 कठोर तप से मिले महादेव

विवाह प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए महाराज श्री ने कहा कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। उनका विवाह त्रिगुणी नारायण गांव (वर्तमान उत्तराखंड) में हुआ था, जहाँ आज भी वह अग्निकुंड मौजूद है जिसके फेरे शिव-पार्वती ने लिए थे। शिव जी की विचित्र बारात और उनके गणों को देखकर उस समय के लोग भी चकित रह गए थे।

0 नगर भ्रमण और जयमाला का उत्साह

शिव बारात गाजे-बाजे के साथ नगर भ्रमण पर निकली। बारात में शामिल श्रद्धालु नाचते-गाते कथा स्थल पहुंचे, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिव-पार्वती का जयमाला कार्यक्रम संपन्न हुआ। महिला मंडल द्वारा बधाई गीत गाए गए और जमकर खुशियां मनाई गईं।

0 रुद्र महायज्ञ में आहुतियां

कपिलेश्वर महिला मंडल सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिदिन सुबह 8:00 से दोपहर 3:00 बजे तक रुद्र महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। यज्ञाचार्य पंडित नागेंद्र पांडे एवं काशी के विद्वानों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ विश्व शांति हेतु आहुतियां डाली जा रही हैं। दोपहर 4:00 बजे से शिव महापुराण की कथा प्रवाहित हो रही है।