TTN डेस्क
तेहरान/वॉशिंगटन : मिडिल ईस्ट के इतिहास में आज एक युग का अंत हो गया है। ईरान के सर्वोच्च नेता आयतोल्लाह अली खामेनेई की अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमलों में मौत हो गई है। ईरानी स्टेट मीडिया ने आधिकारिक तौर पर उन्हें ‘शहीद’ घोषित करते हुए इस खबर की पुष्टि कर दी है। इस घटना के बाद पूरे ईरान में गम और गुस्से का माहौल है और सरकार ने 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है।
0 सोशल मीडिया पर आखिरी पैगाम: कुरान की आयत से दी विदाई
खामेनेई की मौत की आधिकारिक घोषणा के तुरंत बाद उनके ‘X’ (ट्विटर) हैंडल से एक आखिरी पोस्ट साझा की गई। इसकी शुरुआत “बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम” (अल्लाह के नाम से, जो अत्यंत कृपाशील और दयालु है) से हुई। पोस्ट में सूरह अल-अहज़ाब (33:23) की आयत का जिक्र किया गया है, जो उन विश्वासियों के बारे में है जिन्होंने अल्लाह से किए अपने वादे को निभाया और शहादत प्राप्त की। इसे उनके समर्थकों के लिए मजबूती और बलिदान का अंतिम संदेश माना जा रहा है।
0 ट्रम्प की पुष्टि: “हमले जारी रहेंगे”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी खामेनेई की मौत की पुष्टि की है। ट्रम्प ने इस ऑपरेशन को एक बड़ी सफलता बताते हुए स्पष्ट किया कि ईरान के खतरनाक इरादों को कुचलने के लिए सैन्य कार्रवाई अभी जारी रहेगी। व्हाइट हाउस के सूत्रों के मुताबिक, यह हमला एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था जिसके तहत खामेनेई के सुरक्षित ठिकाने को निशाना बनाया गया।
0 तनाव चरम पर: दुनिया में खलबली

ईरान की इस बड़ी क्षति के बाद मिडिल ईस्ट में पूर्ण युद्ध (Full-scale War) का खतरा बढ़ गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने ‘भीषण प्रतिशोध’ की कसम खाई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम को विश्व शांति के लिए अब तक का सबसे बड़ा खतरा मान रहा है।


