TTN डेस्क
नई दिल्ली
रायपुर/दंतेवाड़ा। केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक ‘पद्य पुरस्कारों’ की घोषणा कर दी है. इस वर्ष कुल 131 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से नवाजा जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की रहने वाली प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता बुधरी ताती को पद्मश्री सम्मान के लिए चुना गया है.
0 15 वर्ष की आयु से सेवा का संकल्प
दंतेवाड़ा जिले के हिरानार गांव की निवासी बुधरी ताती पिछले कई दशकों से समाज सेवा में जुटी हुई हैं. उन्होंने मात्र 15 वर्ष की आयु में ही समाज सेवा का मार्ग चुन लिया था. बस्तर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में महिलाओं को जागरूक और शिक्षित करने के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया है. इसी सेवा भाव के कारण उन्होंने विवाह न करने का कठिन निर्णय लिया.
0 545 गांवों की पदयात्रा और आत्मनिर्भरता का अभियान
बुधरी ताती की उपलब्धियां सेवा के कई क्षेत्रों में फैली हुई हैं:
* उन्होंने बस्तर संभाग के करीब 545 गांवों की पदयात्रा कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का संदेश दिया है.
* वे वर्तमान में बेसहारा बुजुर्गों के लिए वृद्धाश्रम और बच्चों के लिए अनाथ आश्रम का संचालन कर रही हैं.
* समाज सेवा में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें अब तक 22 पुरस्कार मिल चुके हैं, जिनमें 3 राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार और ‘डॉक्टर’ की मानद उपाधि शामिल है.
0 पद्म पुरस्कार 2026 की मुख्य बातें
इस वर्ष सरकार ने कुल 131 पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया है:
* पद्म विभूषण: दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र सहित 5 हस्तियों को.
* पद्म भूषण: गायिका अलका याग्निक और झारखंड के पूर्व सीएम दिवंगत शिबू सोरेन सहित 13 हस्तियों को.
* पद्मश्री: बुधरी ताती और कर्नाटक के अंके गौड़ा सहित कुल 45 हस्तियों को इस श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा.
बुधरी ताती को मिला यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष की जीत है, बल्कि पूरे बस्तर और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है.


