TTN Desk
रायपुर: कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी) ने 21 सितंबर 2025 को मध्य भारत का पहला स्टेरियोटैक्टिक बॉडी रेडियोथेरेपी (SBRT) हैंड्स-ऑन कंटूरिंग वर्कशॉप सफलतापूर्वक आयोजित किया। यह वर्कशॉप विशेष रूप से लीवर और पैंक्रियाज कैंसर के इलाज पर केंद्रित था, जिसमें देशभर से 100 से अधिक रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट और मेडिकल फिज़िसिस्ट शामिल हुए।
0 कैंसर उपचार की अत्याधुनिक तकनीक पर प्रशिक्षण
एसबीआरटी एक अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी तकनीक है, जो कैंसर ट्यूमर को बहुत अधिक मात्रा में रेडिएशन बहुत सटीकता से पहुँचाती है, जबकि आसपास के स्वस्थ ऊतकों को कोई नुकसान नहीं होता। इस तकनीक के कारण मरीजों को कम अस्पताल जाना पड़ता है, इलाज अधिक सटीक होता है और दुष्प्रभाव भी कम होते हैं। डॉक्टरों के लिए इस तरह की कार्यशालाएं बहुत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये उन्हें नई तकनीकें सीखने और अपनाने का अवसर देती हैं, जिससे मरीजों को अपने ही शहर में विश्वस्तरीय इलाज मिल पाता है।
0 देश के जाने-माने विशेषज्ञों ने किया नेतृत्व
इस महत्वपूर्ण वर्कशॉप का नेतृत्व देश के कुछ सबसे प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने किया, जिनमें फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम की डॉ. स्वरूपा मित्रा, टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, मुंबई की डॉ. रीना इंजीनियर, अपोलो कैंसर इंस्टीट्यूट, कोलकाता के डॉ. सयान पॉल और राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली के डॉ. डेविड के. सिमसन शामिल थे। कई अन्य प्रमुख ऑन्कोलॉजिस्ट ने मेंटर के रूप में हिस्सा लिया और प्रतिभागियों को वास्तविक मामलों पर काम करने का मौका दिया।
0 ‘छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव’ का हिस्सा रहा यह कार्यक्रम
यह एसबीआरटी वर्कशॉप बीएमसी के तीसरे ‘छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव’ का एक हिस्सा था, जिसमें कुल 10 अंतरराष्ट्रीय और 200 राष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल हुए। कॉन्क्लेव का मुख्य विषय ‘ड्राइविंग कॉमन-सेंस ऑन्कोलॉजी’ था, जिसमें गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, जेनिटोयूरिनरी और फेफड़ों के कैंसर के मल्टीडिसिप्लिनरी मैनेजमेंट पर गहन चर्चा हुई। बीएमसी के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. भावना सिरोही ने बताया कि इस वर्कशॉप का उद्देश्य मध्य भारत में विश्वस्तरीय विशेषज्ञता लाना है, ताकि स्थानीय स्तर पर मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।


