बालको में संवर रहा छत्तीसगढ़ के युवाओं का भविष्य: घर के पास करियर और तरक्की का मिला सुनहरा अवसर

TTN डेस्क

कोरबा। किसी भी युवा के लिए एक सफल करियर की तलाश अक्सर उसे अपने घर और परिवार से दूर ले जाती है। लेकिन छत्तीसगढ़ के औद्योगिक केंद्र कोरबा में स्थित भारत एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने इस धारणा को बदल दिया है। प्रदेश के एकमात्र एल्युमीनियम उत्पादक संस्थान के रूप में बालको ने न केवल विश्व स्तरीय विनिर्माण केंद्र स्थापित किया है, बल्कि स्थानीय युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़े रहकर महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने का मंच भी प्रदान किया है।

0 स्थानीय प्रतिभा को वैश्विक पहचान

बालको ने विस्तार, अत्याधुनिक तकनीक और कौशल विकास में निरंतर निवेश के माध्यम से इंजीनियरिंग, ऑपरेशंस, मेंटेनेंस, सुरक्षा और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में उच्च-स्तरीय रोजगार के अवसर पैदा किए हैं। इसका सबसे बड़ा लाभ यह हुआ है कि राज्य की प्रतिभाओं को बड़े महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ रहा है। आज बालको के प्रत्यक्ष कार्यबल का 70% से अधिक और अप्रत्यक्ष कार्यबल का 80% से अधिक हिस्सा छत्तीसगढ़ से ही है।

0 युवाओं की जुबानी: तरक्की और अपनत्व की कहानी

बालको में कार्यरत युवा पेशेवर इस बदलाव को अपनी व्यक्तिगत सफलता के रूप में देखते हैं:

* स्मिता प्रधान (रिशोरा गांव): “जब मेरा चयन बालको में हुआ, तो मेरे माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं था। छत्तीसगढ़ में रहकर भविष्य बनाना उनके लिए एक सपने जैसा था। मुझे कभी नहीं लगा कि मैं किसी मेट्रो शहर में काम न करके कुछ खो रही हूं।”

* मिथिला प्रधान (रायगढ़): “केमिस्ट्री में मास्टर्स के दौरान मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे इतना गतिशील वातावरण मिलेगा। यहाँ विकास व्यक्तिगत महसूस होता है क्योंकि मैं अपनी जड़ों से जुड़ी हुई हूं।”

* देवाशीष पटेल (फाउंड्री): “यहाँ का सीखने का तरीका कॉलेज जैसा है—जिज्ञासु और सहयोगात्मक। बालको अस्पताल की सुविधा मेरे माता-पिता के लिए वरदान है, जिससे मुझे मानसिक शांति मिलती है।”

* मनीष कुमार पटेल (बेक ओवन): “कंपनी स्थानीय कॉलेजों से लगातार भर्ती कर रही है। यहाँ का हरा-भरा परिसर और पारिवारिक आवास पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन के बीच बेहतरीन संतुलन प्रदान करता है।”

0 आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ते कदम

समावेशी औद्योगीकरण के माध्यम से बालको न केवल छत्तीसगढ़ की प्रगति में योगदान दे रहा है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को भी मजबूत कर रहा है। योग्यता और प्रतिभा के आधार पर तकनीकी से लेकर प्रबंधकीय पदों तक स्थानीय युवाओं को सशक्त बनाकर बालको आज देश का एक प्रतिष्ठित एल्युमीनियम उत्पादक बनकर उभरा है।