देखें तस्वीरें…छत्तीसगढ़ : ढोंगी बाबा के साथ विदेशियों के मिले वीडीओ ,विदेशी कनेक्शन की जांच शुरू

0 0 आश्रम से पुलिस को मिली वियाग्रा, नशीली दवाएं और आपत्तिजनक वस्तुएं

00 चल रहा था योग और आध्यात्मिकता की आड़ में नशे और अय्याशी का अड्डा

TTN Desk

छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में प्रज्ञागिरी पहाड़ी के पास स्थित एक आश्रम, जो बाहरी तौर पर योग और ध्यान का केंद्र प्रतीत होता था, वास्तव में नशे और आपराधिक गतिविधियों का अड्डा निकला। 25 जून 2025 को पुलिस ने स्थानीय लोगों की शिकायतों के आधार पर इस आश्रम पर छापेमारी की, जिसमें चौंकाने वाली चीजें सामने आईं। आश्रम के संचालक, 45 वर्षीय तरुण अग्रवाल उर्फ सोनू, जो खुद को योग गुरु और आध्यात्मिक बाबा बताता था, को गिरफ्तार कर लिया गया। छापेमारी में पुलिस ने 2 किलोग्राम गांजा, वियाग्रा टैबलेट, नशीली गोलियां, इंजेक्शन, सेक्स टॉयज और विदेश से मंगाए गए संदिग्ध पैकेट बरामद किए। इसके अलावा, आश्रम से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की गई।

0 विदेशी लड़कियों के साथ मिले वीडियो

पुलिस को आश्रम से कुछ विदेशी लड़कियों के साथ आपत्तिजनक वीडियो मिले, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। ये वीडियो बाबा के काले कारनामों की गवाही दे रहे हैं। पुलिस ने आश्रम से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, जैसे लैपटॉप और मोबाइल, को साइबर सेल को सौंप दिया है, जो इनकी गहन जांच कर रही है। इसके साथ ही, विदेश से मंगाए गए संदिग्ध पैकेटों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बाबा का विदेशी नेटवर्क कितना व्यापक था। पुलिस को संदेह है कि यह नेटवर्क न केवल नशीले पदार्थों की तस्करी, बल्कि अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में भी शामिल हो सकता है।

0 गोवा से डोंगरगढ़ तक का सफर, 6 करोड़ का आश्रम

तरुण अग्रवाल ने लगभग 20 साल तक गोवा में विदेशी पर्यटकों को योग और ध्यान सिखाने के नाम पर अपना नेटवर्क बनाया। वहां वह विदेशी नागरिकों, खासकर महिलाओं, को अपने जाल में फंसाने में कामयाब रहा। डेढ़ साल पहले वह डोंगरगढ़ लौटा और प्रज्ञागिरी पहाड़ी के पास 6 करोड़ रुपये की लागत से एक फॉर्महाउसनुमा आश्रम बनाया। इस आश्रम को उसने गोवा के हेरिटेज योग सेंटर की तर्ज पर बनाया था, जहां वह विदेशी और स्थानीय लोगों को योग और आध्यात्मिकता का पाठ पढ़ाने का दावा करता था। हालांकि, स्थानीय लोगों को लंबे समय से आश्रितों की गतिविधियों पर शक था, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

0 आश्रम सील, विदेशी लिंक की पुलिस की गहन जांच जारी

छापेमारी के बाद पुलिस ने आश्रम को पूरी तरह सील कर दिया है। तरुण अग्रवाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जिसमें उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है। पुलिस ने आश्रितों से जब्त सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है, ताकि नशीले पदार्थों और अन्य वस्तुओं का विस्तृत पता लगाया जा सके। साइबर सेल विदेशी कनेक्शन की जांच में जुटी है, जिसमें यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या बाबा का नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नशीली दवाओं की तस्करी या अन्य अवैध गतिविधियों से जुड़ा था।

0 विदेशी पर्यटकों का बन गया था अड्डा

स्थानीय लोगों ने बताया कि आश्रम में रात के समय अक्सर शोर-शराबा और संदिग्ध गतिविधियां होती थीं, जिससे आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग परेशान थे। कई लोगों ने बाबा के आश्रम को “विदेशी पर्यटकों का अड्डा” करार दिया और पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी। इस घटना के बाद डोंगरगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में लोग इस ढोंगी बाबा के कारनामों पर चर्चा कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस मामले को और तूल दे दिया है, जिससे लोग ऐसे कथित आध्यात्मिक गुरुओं पर सवाल उठा रहे हैं।

0 जांच के लिए विशेष दल होगा गठित

पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की बात कही है, जो बाबा के नेटवर्क और उसकी गतिविधियों की गहराई से जांच करेगा। इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे कथित बाबाओं और उनके आश्रमों के प्रति सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि बाबा का नेटवर्क स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हो सकता है।

0 आस्था का दुरुपयोग,प्रशासन को रखनी होगी सख्त नजर

यह मामला एक बार फिर उन ढोंगी बाबाओं की सच्चाई को उजागर करता है, जो आध्यात्मिकता और योग के नाम पर लोगों की आस्था का दुरुपयोग करते हैं। डोंगरगढ़ के इस मामले ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोरा है, बल्कि यह भी सवाल उठाता है कि ऐसे आश्रमों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रशासन को और सख्त कदम उठाने की जरूरत है। पुलिस की जांच से जल्द ही इस मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है।