
00 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपने शताब्दी वर्ष को हिंदू-मुस्लिम विवाद को कम करने और आपसी संवाद को बढ़ावा देने के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया है।
TTN Desk
नई दिल्ली।23 अगस्त।शताब्दी वर्ष में संघ द्वारा लक्षित करीब 20 करोड़ घरों में गृह संपर्क में मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में यह जिम्मा एमआरएम उठाएगी। यह निर्णय गुरुवार को हरियाणा भवन में सरसंघचालक मोहन भागवत की एमआरएम के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया, जिसमें संघ के सह सरकार्यवाह डा. कृष्णगोपाल, अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल व एमआरएम के मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
चर्चा का मुख्य विषय देश की प्रगति की दिशा में कैसे हिंदू मुस्लिम समाज की दूरियां कम हो? कैसे एक भारतीयता की पहचान को मजबूत किया जाए?
बैठक में एमआरएम के राष्ट्रीय संयोजक, प्रकोष्ठों व प्रांत संयोजक मिलाकर 40 से अधिक लोग मौजूद रहे।सूत्रों के अनुसार, बैठक में संघ प्रमुख की ओर से मुस्लिम समाज के आर्थिकी व शैक्षणिक विकास के प्रयासों पर जोर देने का निर्णय लिया गया, जिससे वह समाज की मुख्य धारा में आए।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में मुस्लिम समुदाय के आर्थिक और शैक्षिक विकास पर जोर दिया। इस बैठक में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) के माध्यम से दिल्ली में एक बड़े सम्मेलन की योजना बनाई गई, जिसका उद्देश्य दोनों समुदायों के बीच एकता और सहयोग को बढ़ावा देना है।
0 बैठक का मुख्य उद्देश्य: हिंदू-मुस्लिम एकता
RSS ने अपने शताब्दी वर्ष में सामाजिक समरसता को प्राथमिकता दी है। मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू और मुस्लिम एक ही हैं और दोनों का डीएनए एक ही है, जो भारत की साझा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दर्शाता है। इस विचार को आगे बढ़ाने के लिए RSS ने मुस्लिम समुदाय के साथ संवाद को और मजबूत करने का फैसला किया है। इस दिशा में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जो 2002 में RSS के समर्थन से स्थापित किया गया था।
0 मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) का सम्मेलन : दिल्ली में होगा आयोजन
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच द्वारा दिल्ली में एक बड़े सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन का उद्देश्य हिंदू-मुस्लिम संवाद को बढ़ावा देना और आपसी समझ को गहरा करना है। यह सम्मेलन RSS की उस सोच को मूर्त रूप देगा, जिसमें सभी समुदायों को राष्ट्र निर्माण में साथ लाने पर जोर दिया गया है।
घर-घर पहुंचेगी MRM की टीमें
सम्मेलन के साथ-साथ MRM की टीमें घर-घर जाकर लोगों तक राष्ट्रवादी विचारधारा और एकता का संदेश पहुंचाएंगी। यह अभियान विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के बीच जागरूकता बढ़ाने और उन्हें मुख्यधारा में जोड़ने के लिए होगा। MRM का लक्ष्य “सच्चा मुसलमान, अच्छा नागरिक” का संदेश फैलाना है, जिसके तहत राष्ट्र के प्रति निष्ठा और सामाजिक एकता को प्रोत्साहित किया जाएगा।
0 मोहन भागवत का दृष्टिकोण :
आर्थिक और शैक्षिक विकास पर जोर
मोहन भागवत ने मुस्लिम समुदाय के आर्थिक और शैक्षिक विकास को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत के 20% अल्पसंख्यक समुदाय को पीछे छोड़कर राष्ट्र निर्माण संभव नहीं है। इस दिशा में शिक्षा और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।


