00 मात्र 20 मिनट में टूटा पिछला रिकॉर्ड; स्वच्छता की शपथ लेकर ऊर्जाधानी ने रचा नया इतिहास
TTN डेस्क
कोरबा। छत्तीसगढ़ की ऊर्जाधानी कोरबा ने एक बार फिर वैश्विक पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है。 नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा आयोजित ‘स्वच्छता शपथ’ अभियान के तहत ऐतिहासिक 15,563 हस्ताक्षर के साथ ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है。 इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि कोरबा ने पिछले रिकॉर्ड को मात्र 20 मिनट में ही ध्वस्त कर दिया。
0 मंत्री लखनलाल देवांगन ने किया अभियान का शुभारंभ
स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता फैलाने वाले इस वृहद अभियान की शुरुआत मुख्य अतिथि प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने हस्ताक्षर कर की。 इस अवसर पर उन्होंने महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और निगम की टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनभागीदारी के ऐसे प्रयासों से कोरबा निश्चित ही स्वच्छता में नंबर वन बनेगा。 कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, सभापति नूतन सिंह ठाकुर


, कलेक्टर कुणाल दुदावत, एसपी सिद्धार्थ तिवारी सहित भारी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे。
0 महापौर ने टीम वर्क को दिया श्रेय
इस ऐतिहासिक सफलता पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने हर्ष व्यक्त करते हुए इसे निगमायुक्त आशुतोष पांडेय के कुशल नेतृत्व और निगम टीम की अथक मेहनत का परिणाम बताया。 उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में देश के टॉप-10 (8वें स्थान) में आने के बाद यह वर्ल्ड रिकॉर्ड कोरबा के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा。
0 युवा सोच और प्रशासनिक तत्परता का संगम
निगमायुक्त आशुतोष पांडेय ने बताया कि इस रिकॉर्ड की नींव ‘सागर’ नामक एक युवक के विचार से पड़ी थी。 पिछले रिकॉर्ड्स के अध्ययन और महापौर की सहमति के बाद इस मिशन को अमलीजामा पहनाया गया。 आयुक्त ने भावुक होते हुए कहा, “यह जीत सिर्फ निगम की नहीं, बल्कि कोरबा के हर उस नागरिक की है जिसने इसमें हिस्सा लिया。 अब कोरबा का नाम इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में अंकित हो गया है।”
0 जन-भागीदारी की अनूठी मिसाल
अभियान को सफल बनाने में समाज के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया:
* शिक्षा जगत: स्कूल-कॉलेज के छात्र, एनएसएस (NSS), एनसीसी (NCC), स्काउट-गाइड्स。
* औद्योगिक क्षेत्र: सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के विभिन्न औद्योगिक उपक्रम。
* व्यापारिक एवं सामाजिक संगठन: स्थानीय व्यापारी बंधु, स्वयंसेवी संस्थाएं और नागरिक。
* प्रशासन एवं मीडिया: शिक्षा विभाग, निगम प्रशासन और प्रेस व मीडिया जगत का महत्वपूर्ण सहयोग रहा。


