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कोरबा…अशरफ सहित 3 की मौत के मामले में नया खुलासा : क्या हॉस्पिटल पहुंचाने में घंटों की देरी से हुई मौत ? देखिए वीडीओ बैगा का साथी क्या कह रहा…?

TTN डेस्क

कोरबा। शहर के बड़े स्क्रैप कारोबारी अशरफ मेमन, दुर्ग के कारोबारी नीतीश और सुरेश साहू की बरबसपुर कुदरी स्थित यार्ड नुमा फार्म हाउस के एक कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। पुलिस इस पूरे मामले की गहन छानबीन कर रही है, जिसके तार तंत्र-मंत्र और कथित ‘झरन विधि’ से जुड़े बताए जा रहे हैं। हालांकि, अशरफ मेमन को जानने वाले लोग इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि वह इस तरह के अंधविश्वास के जाल में फंस सकता था।

0 आईजी पहुंचे घटनास्थल

बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) डॉ. संजीव शुक्ला ने भी घटना की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार की दोपहर कोरबा प्रवास के दौरान फार्म हाउस का निरीक्षण किया और एसपी सिद्धार्थ तिवारी से पूरी घटना की जानकारी ले जांच हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

0 कमरे के भीतर क्या हुआ? बैगा के साथी ने बताई आपबीती

मामले में हिरासत में लिए गए बैगा (तांत्रिक) राजेंद्र के साथी अश्वनी कुर्रे के बयान के मुताबिक, चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। अश्वनी कुर्रे ने ऑन कैमरा जो बताया उसके मुताबिकबिलासपुर जिले से आया बैगा राजेंद्र अपने चार साथियों के साथ बुधवार दोपहर 4 बजे फार्म हाउस पहुँचा था। शाम को कमरे के भीतर कथित ‘झरन विधि’ शुरू की गई। बैगा ने एक-एक कर सबसे पहले नीतीश, फिर सुरेश और अंत में अशरफ मेमन को भीतर बुलाया। इन तीनों को कमरे में बुलाने के बाद जब काफी देर तक कोई बाहर नहीं आया, तो बाहर बैठे साथियों ने बैगा से सवाल किया।

0 7 बजे हो गए थे बेहोश, फिर भी घंटों लगा दी देर

बैगा के साथी कुर्रे के अनुसार, शाम करीब 7 बजे जब बाहर बैठे लोगों ने कमरे में झाँका, तो तीनों व्यक्ति बेहोशी की हालत में पड़े थे।
> यहां बड़ा सवाल यह उठता है कि जब शाम 7 बजे ही तीनों कारोबारी बेहोश हो चुके थे, तो बैगा ने उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय घंटों तक क्यों रोका?
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बैगा ने इस पर कहा कि उसने मंत्र फूंका है और थोड़ी देर में होश आ जाएगा। वह बार-बार ‘अब-तब’ में होश आने की बात कहकर समय लगाता रहा और रात के 10 बज गए। जब तक अन्य लोगों ने गुस्सा जाहिर करते हुए उन्हें अस्पताल पहुँचाया, तब तक काफी देर हो चुकी थी। तीनों को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था, जिसके बाद सूचना मिलने पर देर रात 12 बजे पुलिस प्रशासन हरकत में आया। यह बात समझ से परे है कि एक के बाद एक व्यक्ति जब कमरे में गया, तो उसने पहले से बेहोश पड़े व्यक्ति को देखकर भी इसे नजरअंदाज क्यों किया।

0 साजिश का एंगल और रंजिश की आशंका

पुलिस जांच में किसी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है। इस आशंका की चर्चाएं हैं कि इन तीनों को पीने के लिए कोई ऐसा पदार्थ दिया गया हो, जिसका सेवन बैगा ने नहीं किया और इसलिए वह सुरक्षित बचा रहा। पुलिस ने संदेह के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और आपसी रंजिश के एंगल से भी जाँच की जा रही है।पीएम रिपोर्ट मिलने पर ही मृत्यु क्यों और कैसे हुई इसको पता लगाने में मदद मिलेगी।अशरफ के परिजनों द्वारा जताई गई साजिश की आशंका को ध्यान में रख कर भी पुलिस जांच कर रही है।
इस पूरे घटनाक्रम के रहस्य से पर्दा उठने का इंतजार न सिर्फ मृतकों के परिजन, बल्कि पूरा शहर कर रहा है।

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“एक अपील … अंधविश्वास नहीं, यथार्थ पर हो विश्वास”

इस दुःखद घटना ने एक बार फिर समाज को तंत्र-मंत्र, गड़ा धन निकालने, या रुपए को कई गुना करने जैसे अंधविश्वासों से दूर रहने की चेतावनी दी है। यथार्थ को स्वीकार करके ही ऐसे जान-माल के नुकसान से बचा जा सकता है।