
TTN डेस्क
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 18 सितंबर 2025 को चुनाव आयोग (ECI) पर ‘वोटर डिलीशन’ का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर कांग्रेस समर्थक वोटरों के नाम व्यवस्थित तरीके से हटा रहा है। उन्होंने कर्नाटक की अलंद और महाराष्ट्र की राजुरा सीटों का हवाला देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को ‘वोट चोरों’ का बचाव करने वाला बताया।
इसके जवाब में, चुनाव आयोग ने राहुल के आरोपों को ‘झूठा, बेबुनियाद और भ्रामक’ बताया। आयोग ने कहा कि किसी भी वोटर का नाम ऑनलाइन नहीं हटाया जा सकता और इसके लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। ECI ने यह भी स्पष्ट किया कि अलंद में नाम हटाने की कोशिश नाकाम रही थी और सभी वोटरों ने मतदान किया था। आयोग ने राहुल से अपने आरोपों के समर्थन में सबूत देने को कहा।
यह विवाद बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले आया है, और दोनों पक्षों ने अपने दावों पर जोर दिया है। जहाँ राहुल ने ‘हाइड्रोजन बम’ जैसे और सबूत लाने की बात कही है, वहीं चुनाव आयोग ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘राजनीतिक हमला’ बताया है।


