




TTN Desk
पेरिस, 10 सितंबर 2025: फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार की नई आर्थिक नीतियों के विरोध में देशभर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों ने फ्रांस के कई प्रमुख शहरों, जैसे पेरिस, रेनेस और मार्सिले में अराजकता फैला दी है। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को अवरुद्ध किया, आगजनी की और परिवहन व्यवस्था को ठप कर दिया।
0 प्रदर्शन का कारण और घटनाएं
* आर्थिक नीतियां: प्रदर्शनकारी सरकार की ₹44 अरब की सार्वजनिक खर्च कटौती, पेंशन फ्रीज और सार्वजनिक अवकाशों में कटौती का विरोध कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि ये कदम बढ़ते कर्ज और वित्तीय घाटे को कम करने के लिए जरूरी हैं।
* राजनीतिक अस्थिरता: हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री फ्राँस्वा बेयरू के इस्तीफे ने भी असंतोष को बढ़ाया है।
* सोशल मीडिया का प्रभाव: “ब्लॉक एवरीथिंग” नामक एक आंदोलन, जो सोशल मीडिया पर सक्रिय है, ने लोगों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
0 विरोध की घटनाएं : सड़क जाम और आगजनी
प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर बैरिकेड्स लगाए, कचरे में आग लगाई और रेल सेवाओं को बाधित किया। रेनेस में एक बस को जला दिया गया और पेरिस के चार्ल्स डी गॉल एयरपोर्ट की रेल लाइन को रोक दिया गया।
0 सरकार की प्रतिक्रिया और प्रभाव
सरकार ने प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए 80,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़पों में अब तक लगभग 300 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन प्रदर्शनों के कारण लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर बुरा असर पड़ा है, जिसमें यात्रा में देरी और प्रमुख निगमों के खिलाफ बॉयकॉट की मांग शामिल है।
गृह मंत्री ब्रूनो रिटेल्यू ने प्रदर्शनकारियों पर देश में “विद्रोह का माहौल बनाने” का आरोप लगाया है, जबकि विपक्षी नेता मैक्रों के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन यूरोप में बढ़ती हुई महंगाई और वित्तीय संकट के खिलाफ व्यापक असंतोष को दर्शाता है।


