कोरबा: भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बद्री अग्रवाल ने खुद पर लगे धमकाने के आरोपों को राजनीतिक द्वेष का नतीजा बताया है। उनका कहना है कि 8 जनवरी 2023 के एक पुराने वीडियो को आधार बनाकर उनके खिलाफ बिना किसी जांच के झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है।

अग्रवाल ने बताया कि उन्हें अखबार पढ़कर इस मामले की जानकारी मिली। उन्होंने कहा, “मैं रंजीत पटेल नाम के किसी भी व्यक्ति को नहीं जानता, न ही कभी उससे मिला हूँ या बात की है।” उन्होंने यह भी बताया कि जिस वीडियो को लेकर यह एफआईआर दर्ज हुई है, वह कांग्रेस सरकार के समय का है। उनका आरोप है कि भाजपा संगठन में चल रही नियुक्तियों को देखते हुए यह वीडियो अब जानबूझकर वायरल किया गया है ताकि उनकी छवि खराब की जा सके।
बद्री अग्रवाल ने कोरबा एसपी से इस मामले की लिखित शिकायत की है।यह शिकायत पत्र किसी विशाल यादव के माध्यम से जिला पुलिस कार्यालय में दिया है।जिसने कहा गया है कि रंजीत पटेल द्वारा दर्ज कराई गई यह मनगढ़ंत एफआईआर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने के लिए है। अग्रवाल के अनुसार, वे इस समय बिहार के गया में अपने पितृमोक्ष के कार्य के लिए गए हुए हैं, ऐसे में रंजीत पटेल को धमकाने का सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने इस झूठे आरोप से मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान होने की बात कहते हुए न्याय की मांग की है।


