


00 गृह विभाग ने जारी किया आदेश, विभागीय जांच तक PHQ में अटैच रहेंगे डांगी; बिना अनुमति नहीं छोड़ पाएंगे मुख्यालय
रायपुर | छत्तीसगढ़ पुलिस के सीनियर IPS अधिकारी और पूर्व IG रतन लाल डांगी को राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, एक सब-इंस्पेक्टर (SI) की पत्नी द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के बाद यह कड़ी कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय नया रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय (PHQ) निर्धारित किया गया है।
0 क्या है पूरा मामला?
पीड़ित महिला ने 15 अक्टूबर 2025 को पुलिस मुख्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। महिला के आरोपों के अनुसार:
* शुरुआत कोरबा से: विवाद की जड़ें 2017 की हैं, जब डांगी कोरबा में SP के पद पर तैनात थे। सोशल मीडिया के जरिए शुरू हुई बातचीत बाद में प्रताड़ना में बदल गई।
* पदों का दुरुपयोग: महिला का आरोप है कि दंतेवाड़ा, राजनांदगांव, सरगुजा और बिलासपुर में पोस्टिंग के दौरान डांगी ने पद का धौंस दिखाकर उन्हें परेशान किया।
* धमकी और दबाव: योग सिखाने के बहाने वीडियो कॉल पर दबाव बनाना और बात न मानने पर पति (SI) के तबादले की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
* डिजिटल साक्ष्य: पीड़िता ने दावा किया है कि उनके पास इस प्रताड़ना से जुड़े पुख्ता डिजिटल सबूत मौजूद हैं।
डांगी का पक्ष: ‘यह ब्लैकमेलिंग की साजिश’
दूसरी ओर, IPS रतन लाल डांगी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘ब्लैकमेलिंग’ करार दिया है। उन्होंने पहले ही डीजीपी (DGP) से शिकायत की थी कि महिला उन्हें फंसाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, अखिल भारतीय सेवा (AIS) नियम 1968 और 1969 के तहत प्रथम दृष्टया आचरण संदिग्ध पाए जाने पर सरकार ने निलंबन का रास्ता चुना है।
0 सरकार का कड़ा रुख: ‘दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा’
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में कानून का शासन सर्वोपरि है। विभागीय जांच लंबित होने तक डांगी सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। बता दें कि 5 महीने पहले भी विवादों के चलते उन्हें आईजी पद से हटाकर पीएचक्यू में अटैच किया गया था।
बहरहाल वर्दी पर लगे ये दाग बताते हैं कि सत्ता और रसूख के बीच नैतिकता की लक्ष्मण रेखा कितनी धुंधली होती जा रही है। अब सबकी नजरें विभागीय जांच पर टिकी हैं।


