TTN Desk
वाराणसी/प्रयागराज।इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बड़ी राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। जस्टिस विवेक कुमार बिड़ला और जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।
0 सरकारी पक्ष की दलील:
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने शंकराचार्य की याचिका का कड़ा विरोध किया। सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद एक ‘अत्यधिक प्रभावशाली’ (पावरफुल) व्यक्ति हैं। सरकारी वकील ने आशंका जताई कि यदि उन्हें राहत दी जाती है, तो वे अपनी शक्ति का उपयोग कर गवाहों को डरा सकते हैं और पुलिस जांच को प्रभावित कर सकते हैं।
0 मामले की पृष्ठभूमि:
यह पूरा विवाद वाराणसी में दर्ज एक आपराधिक मामले से जुड़ा है। शंकराचार्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने दलील दी कि उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी राजनीति से प्रेरित है और उन्हें केवल परेशान करने के उद्देश्य से फंसाया गया है।
0 कोर्ट का रुख:
दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनने के बाद, अदालत ने स्पष्ट किया कि अगले आदेश तक उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। अब सबकी नजरें कोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो जल्द ही सुनाया जा सकता है।



